अमरोहा। सूफी जुल्फेकार का 35 वां उर्स अकीदत के साथ मनाया गया। जायरीन ने मजार पर चादरपोशी कर अमन और कौम की सलामती को दुआ मांगी। शनिवार को कलक्ट्रेट बाईपास स्थित दरगाह मुबारक खां शहीद स्थित मजारे मुबारक पर उर्स के मददेनजर सुबह से ही जायरीन तांता लग गया। उर्स की शुरूआत तिलावते कलामे पाक से हुई। सूफी निसार अहमद खां ने बाबा की करामात का जिक्र करते हुए कहा कि बुजुर्गों की जिंदगी से हमे भाईचारे का पैगाम मिलता है। मजार पर हिंदू-मुस्लिम अकीदत जुड़ी हुई है। यहां लोगों की परेशानियां दूर होती है। कुलशरीफ की रस्म अदा की गई। जिसमें जायरीनों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा भाग लिया। इस दौरान सूफी आबिद खां, अफसार अहमद खां, जावेद खां, उवैस मुस्तफा रिजवी, वासिल खां मौजूद रहे।