स्कूल न जाने पर भाई की फटकार से क्षुब्ध होकर चार अक्तूबर को भाग गया था विकेश
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
हसनपुर तहसील के थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव बुरावली से लापता कक्षा तीन का छात्र विकेश छह दिन बाद जयपुर में मिला। पुलिस ने छात्र को सकुशल बरामद कर लिया है। परिजनों द्वारा पढ़ाई का दबाव होने पर छात्र ने ये कदम उठाया था। अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह ने बुधवार को प्रेस वार्ता में खुलासा किया। पुलिस ने छात्र को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं बेटे को सकुशल देख माता-पिता ने राहत की सांस ली और कलेजे के टुकड़े को गले लगा लिया।
थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव बुरावली निवासी मदन जाटव का 11 वर्षीय बेटा विकेश कक्षा तीन का छात्र है। चार अक्तूबर को विकेश अचानक घर से बिना बताए कहीं चला गया। परिजनों ने काफी तलाश किया लेकिन विकेश का सुराग नहीं लग सका। इस पर छह अक्तूबर को विकेश की मां सोमवती ने थाना आदमपुर पहुंच कर पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस छात्र की तलाश में जुट गई। मामले की जांच थाना आदमपुर की रहरा चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक किरन पाल सिंह द्वारा प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमें गठित कीं। विवेचना के दौरान पुलिस को लापता छात्र के जयपुर राजस्थान में होने के सुराग मिले। इस पर पुलिस ने लापता छात्र विकेश को 10 अक्तूबर को जयपुर (राजस्थान) से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ पर छात्र विकेश द्वारा बताया गया कि वह स्कूल नहीं जाना चाहता है। जबकि घर वाले उसे जबरदस्ती स्कूल भेजते हैं। इसी बात को लेकर उसके भाई ने उसकी फटकार लगा दी थी। जिससे क्षुब्ध होकर विकेश घर से बिना बताए चला गया था। बरामद करने वाली पुलिस टीम में थाना आदमपुर प्रभारी निरीक्षक अजीत रोरिया, रहरा चौकी इंचार्ज किरण पाल सिंह, उप निरीक्षक सदाकत अली, आरक्षी रोहित कुमार, महिला कांस्टेबिल रेनू चौधरी शामिल रहीं।
ट्रेन में बैठ कर जयपुर चला गया था विकेश
अमरोहा। कक्षा तीन का छात्र विकेश को लापता हुए छह दिन बीत गए थे, सातवें दिन विकेश जयपुर में मिला। इतने दिन विकेश कैसे और कहां रहा। इस पर पुलिस ने विकेश से पूछताछ की तो वह ज्यादा नहीं बता सका। एएसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि विकेश कुछ ही रुपये घर से ले गया था, गनीमत रही जयपुर में भटकते हुए एक व्यक्ति की विकेश पर नजर पड़ गई। व्यक्ति छात्र को अपने घर ले गया। कई दिन घर में रखा और परिजनों के बारे में पूछताछ की। इससे विकेश के परिवार वालों का व्यक्ति से संपर्क हो सका।