प्राथमिक विद्यालय बना परिवारों का आशियाना
नींदडू (बिजनौर)। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के लिए 10 वर्ष पहले चार अतिरिक्त कमरे बनाए गए थे। इनमें तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थापित करने की योजना है, जो वर्तमान में किराए के छोटे कमरों में चल रहे हैं। शनिवार को स्कूल पहुंची अमर उजाला की टीम को इनमें से दो कमरों में दो परिवार रहते मिले। एक कमरे में एक किसान का भूसा भरा मिला, जबकि एक कमरा खाली पड़ा था।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि खाली कक्ष में कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने बकरियां बांध दी थीं। प्रधान की आपत्ति के बाद वह कमरा खाली कर चला गया। वहां रह रहे परिवार की महिला ने बताया कि बरसात में उन्हें रहने का ठिकाना नहीं मिला तो वे अपने बच्चों को लेकर यहां आ गए। उसका कहना था कि किराए पर मकान मिलते ही वह कमरा खाली कर चले जाएंगे। प्रधान रेशमा परवीन और उनके पति मुदस्सर अली का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के चार अतिरिक्त कमरे हैं। चारदीवारी और गेट के अभाव में कुछ लोग यहां अपना लेकर चले आए। कई दिन पूर्व उन्होंने कब्जा जमाए परिवारों को एक हफ्ते में इन्हें खाली करने की चेतावनी दी थी। अध्यापिका दमयंती देवी ने भी कमरे खाली कराने की मांग की है।
नींदडू़ खास के प्राथमिक विद्यालय प्रथम एवं द्वितीय एक ही परिसर में हैं। अतिरिक्त चारों कमरे विद्यालय से करीब 400 मीटर दूर वाल्मीकि बस्ती में बने हैं। उस समय प्रधान ने नए कमरों में कुछ कक्षाएं चलाने को कहा था, किंतु कमरों के आसपास गंदगी और दूषित वातावरण को देखते हुए शिक्षक-शिक्षिकाएं वहां जाकर पढ़ाने को तैयार नहीं हुए थे।
जांच कर कार्रवाई की जाएगी : एसडीआई
नींदडू़। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत राठी ने विद्यालय भवन पर अवैध कब्जे की बाबत जानकारी न होने की बात कही है। उनका कहना है कि विद्यालय की संपत्ति पर अवैधानिक रूप से कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।