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ओडीएफ से आगे ओडीएफ प्लस की ओर बढ़े बिजनौर के गांव

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गांवों में कूड़े-करकट से बनाया जाएगा खाद
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तीन गांवों में अभियान हुआ शुरू
बिजनौर। ओडीएफ बनने की दहलीज पर खड़े बिजनौर के गांव यहीं संतुष्ट नहीं होंगे। जिले के गांव अब ओडीएफ अभियान से भी आगे निकलने को तैयार हैं। अब जिले में ओडीएफ प्लस अभियान चलाया जाएगा। इसमें गांवों में एकत्र होने वाले कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। गलने वाले पदार्थों को एकत्र कर उनसे खाद बनाया जाएगा और न गलने वाले पदार्थ अलग एकत्र किए जाएंगे। ओडीएफ अभियान शुरू होने से गांवों को कूड़े की समस्या से भी निजात मिल जाएगा।
कूड़ा निस्तारण करना शासन की प्रमुख योजनाओं में से एक है। जिले के गांव ओडीएफ अभियान में देश में सूर्य की तरह चमक रहे हैं। खेतों, मैदानों में फैलने वाली गंदगी को गांव वालों ने खत्म करने की ठान ली है। इस गंदगी पर तो रोक लग गई, अब गांवों में सड़कों पर फैलने वाली गंदगी को भी खत्म किया जाएगा। इसके लिए जिले के गांवों में ओडीएफ प्लस योजना शुरू हो गई है। योजना में सड़क, नाली से एकत्र होने वाले कूड़े को ग्राम समाज की भूमि में एकत्र किया जाएगा। कूड़े से गलने वाले पदार्थ जैसे कुट्टी, मिट्टी, गोबर आदि को अलग व प्लास्टिक, पालीथिन, कांच को अलग किया जाएगा। गलने वाले पदार्थों से खाद बनाई जाएगी। बाकी पदार्थों को रिसाइकिल करने के लिए संबंधित फैक्ट्रियों आदि को भेज दिया जाएगा। गांवों में तैयार होने वाला यह खाद किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए नजीबाबाद ब्लॉक के गांव कल्हेड़ी, गजरौला व मुबारकपुर में यह अभियान शुरू भी कर दिया गया है।
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गांवों में कूड़ा निस्तारण शुरू कर शहरों को आइना दिखाया गया है। जिले की नगर पालिकाएं व पंचायतें अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन तक नहीं खरीद पाई हैं। ये नगर पालिकाएं व पंचायतें दूसरी जगह जमीन खरीदने की बात कह रही हैं। डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार जिले के कुछ गांवों में ओडीएफ प्लस अभियान शुरू कर दिया गया है। गांव वालों ने ओडीएफ को कामयाब किया है। वे ओडीएफ प्लस अभियान को भी जरूर कामयाब करेंगे।
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