-वादों का निस्तारण कर वसूला 762210 का जुर्माना
-23 करोड़ 12 लाख 28 हजार 652 रुपये की दिलाई गई समझौता धनराशि
बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 50756 वादों का निस्तारण किया गया। वादों का निस्तारण कर 762210 की जुर्माना धनराशि वसूली गई। साथ ही 23 करोड़ 12 लाख 28 हजार 652 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।
प्राधिकरण के सचिव एडीजे श्रेय शुक्ला ने बताया की जिला जज एमपी सिंह के निर्देशन में लोक अदालत में जिला जज ने दो वादों में 4,65000 की समझौता धनराशि दिलाई। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राजेश्वरी टोलिया ने 3,20000 की समझौता धनराशि दलाई। मोटर दुर्घटना अधिकरण ने तीन करोड़ 42 लाख 95 हजार की धनराशि दुर्घटना पीड़ितों को दिलाई। स्पेशल जज इलेक्टीसिटी एक्ट शैला ने 718 वादों का निस्तारण किया। एडीजे प्रकाशचंद शुक्ला ने 19 वादों में दो करोड़ 11,81,470 की समझौता धनराशि दिलाई। सीजीएम नरेंद्र कुमार ने 1260 वादों का निस्तारण करते हुए 2,04,700 का जुर्माना वसूला।
सिविल जज एसडी ने एक करोड़ 37 लाख 25 हजार रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। इसके अलावा अपर सिविल जज प्रथम शांतनु त्यागी ने 67 वादों में 5000, एसीजेएम अजय कुमार ने 504 वादों में 21,640, अपर सिविल जज दीप्ति सिंह ने 482 वादों में 4,10,200, सिविल जज जेडी प्रतीक त्रिपाठी ने 144 वादों में 7400, न्यायिक मजिस्ट्रेट ग्रामीण प्रद्युम्न कुमार मिश्रा ने 73 वादों में 11,700, अपर सिविल जज ईशा त्रिपाठी ने 689 वादों में एक करोड़ 52 लाख 29 हजार 100 रुपये की समझौता धनराशि एवं 43,400 का अर्थदंड वसूला।
एसीजेडी एकता सिंह ने 600 वादों में 7600 रुपये की धनराशि, एसीजे शिशिर श्रीवास्तव ने 200 वादों में 23,900, एसीजेएम नगीना अक्षदीप यादव ने 415 वादों में 43,490, एसीजे नगीना एकलव्य सरोज ने 510 वादों में 83,830 रुपये, सिविल जज साधना कुमारी ने 355 वादों का निस्तारण कर 15,400 रुपये का जुर्माना वसूला। बैंक के फ्री रजिस्ट्रेशन के 1126 वादों का निस्तारण हुआ एवं 14 करोड़ 58 लाख 87500 रुपये की समझौता धनराशि वसूली गई।
बिजनौर लोक अदालत में हुआ जनपद का सबसे बड़ा बीमा क्लेम-
लोक अदालत अपने जनपद का सर्वाधिक बीमा क्लेम एक करोड़ चार लाख रुपये का एसबीआई बीमा कंपनी के प्रतिनिधि अनूप गर्ग द्वारा दिलाया गया। राजपाल सिंह 18 मई 2019 को जब अपनी कार से मुरादाबाद से बिजनौर के के गांव मिर्जापुर आ रहे थे। तभी गांव हंसुपुरा के पास उनकी कार की टक्कर एक अन्य कार से हुई थी। जिसमें राजपाल सिंह की मृत्यु हो गई थी। राजपाल सिंह एनटीपीसी में कार्यरत थे। राजपाल सिंह की पत्नी संतोष देवी में उनके दो अविवाहित पुत्रों नीरज भारती, अक्षत भारती को एक करोड़ चार लाख रुपये क्लेम की बीमा राशि दिलाई गई।