खादर क्षेत्र में पलेज नष्ट कराते राजस्व विभाग की टीम।
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बिजनौर में गंगा खादर में पलेज और अन्य फसलों की बुवाई करने के खिलाफ प्रशासन ने अभियान चला रखा है। प्रशासन ने शुक्रवार को मंडावर के गांव सुक्खापुर के खादर क्षेत्र में करीब 50 बीघा जमीन में अवैध पलेज को नष्ट कराकर कब्जाई जमीन को मुक्त कराया। हालांकि अवैध पलेज लगाने की तैयारी कर रहे लोग प्रशासनिक टीम को देखकर भाग खड़े हुए। इस मामले में एसडीएम ने पुलिस को अवैध पलेज लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गंगा क्षेत्र में हजारों बीघा जमीन में अवैध पलेज लगाई जाती है। वन विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों की शह पर सालों से खादर क्षेत्र में यह पलेज लगाई जा रही है। खादर में सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा कर गेहूं भी बोते हैं। इस साल महाकुंभ के आयोजन को देखते हुए यह जमीन खाली कराई जा रही है। गंगा के किनारे पलेज और फसलों में कीटनाशक का प्रयोग करने पर पानी में घुलकर दवा गंगा में मिल जाती है और इससे गंगा प्रदूषित हो होती ही है साथ ही साथ स्नान करने वाले को भी कई बीमार हो सकती है। बृहस्पतिवार को रावली क्षेत्र में करीब 60 बीघा जमीन खाली कराई गई थी। शुक्रवार को गांव सुक्खापुर के खादर क्षेत्र में 50 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। वहां पर पलेज लगाने की तैयारी की जा रही थी। एसडीएम बृजेश कुमार ने पुलिस को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में अवैध तरीके से पलेज नहीं बोने दी जाएगी। जो भी पलेज लगी हैं उन्हें अभियान चलाकर नष्ट कराया जाए। जो फिर भी न माने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कड़ी कार्रवाई हो।
ऐसे लगती है पलेज
पलेज में गेहूं के बाद मुख्य रूप से सब्जी बोई जाती हैं। सब्जी के बीज लगाने के लिए गंगा की रेत में गड्ढ़े खोदे जाते हैं। पौधे को जंगली जानवरों आदि से बचाने के लिए डोलबंदी भी की जाती है। बड़े किसान सैकड़ों बीघा जमीन कब्जाकर गेहूं, गन्ना तथा छोटे किसान सब्जी बोते हैं।
खादर क्षेत्र में लगाई राजस्व टीम
एसडीएम बृजेश कुमार के अनुसार खादर क्षेत्र के सभी गांवों में राजस्व टीम को खादर क्षेत्र में सर्वे के लिए कहा गया है। जहां भी पलेज लगी हैं उस जमीन का सर्वे होगा। अगर सरकारी जमीन पर कब्जा कर पलेज लगाई गई है तो उसे नष्ट कराया जाएगा।