पैजनियां। ग्राम पावटी के प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में पिछले साल अक्तूबर में हुए घोटाला हुआ। इसमें बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर सहित चार आरोपियों को जेल जाना पड़ा। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि जांच 27 उपभोक्ताओं के खातों में हेराफेरी पाई गई थी। कुल 47 लाख 73 हजार की रकम प्रभावित हुए उपभोक्ताओं के खातों में ब्याज सहित भेजी जा चुकी है।
बैंक के सफाईकर्मी सन्नी वर्मा ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक दीपक पांडेय, कैशियर कपिल कुमार और फील्ड आफिसर नवीन कुमार से सांठगांठ कर उपभोक्ताओं के खातों में हेराफेरी कर 27 खातों से करीब 50 लाख की रकम निकाल ली थी।
खाताधारकों की सुनवाई न होने पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले जिला मुख्यालय पर स्थित बैंक के रीजनल कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना भी दिया गया था।
निकासी फार्म पर अंगूठा लगवा लेता था सफाई कर्मी : उपभोक्ता ब्रह्मपाल सिंह, हनीफ, कोमल सिंह, अकबरी, सतीश आदि ने बताया की बैंक का सफाईकर्मी सन्नी मदद करने के नाम पर बिना पढ़े लिखे उपभोक्ताओं से धन निकासी फार्म पर अंगूठा लगवा लेता था। फिर खुद ही पासबुक देखकर मनमानी रकम भरकर निकाल लेता था। जब उपभोक्ता पासबुक में प्रविष्टि कराने जाते थे तो उन्हें मशीन खराब होने की बात कहकर टरका दिया जाता था।
उपभोक्ता महेंद्र सिंह का कहना है की बैंक ने उनकी तीन लाख साठ हजार की रकम अभी तक नहीं लौटाई है। इस संबंध में आरएम ने बताया की यह रकम महेंद्र सिंह द्वारा ही निकाली गई थी। उनके हस्ताक्षर तथा सीसीटीवी फुटेज में पुष्टि हो चुकी है।