संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू हो गए थे। इनका समापन 11 अक्तूबर को अष्टमी और नवमी पूजन के साथ हुआ। भक्तों ने मां की आराधना की खुशहाल जीवन का फल मांगा। साथ ही परिवार में सुख शांति की कामना की। इन नवरात्रों में मेडिकल अस्पताल में 46 बेटियों का जन्म हुआ। परिजनों ने मां का आशीर्वाद समझकर बेटियों का खुशी से स्वागत किया।
साथ ही कुछ परिजनों ने कहा कि उनके घर मां दुर्गा स्वयं आई हैं। नवरात्र में बेटी होना वह शुभ मान रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी काफी बच्चों ने जन्म लिया। इनमें बेटियां भी शामिल रहीं। जिला महिला की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभा रानी ने कहा कि अस्पताल में जन्म लेने वाली सभी बेटियां सुरक्षित हैं। उनकी मां भी स्वस्थ हैं। बेटी का घर में आगमन बड़े सौभाग्य की बात है। बेटी को कभी भी बेटों से कम नहीं समझना चाहिए।