खांडसारी इकाईयों पर गन्ना पेराई में आई तेजी
बिजनौर। जिले की खांडसारी इकाईयों की गन्ना पेराई में तेजी आ गई है। खांडसारी इकाईयों ने एक सप्ताह में करीब चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर ली है। इस गन्ने से करीब 50 हजार क्विंटल गुड़ बनाया गया है। खांडसारी इकाईयां चालू पेराई सीजन में दो चीनी मिल की पेराई क्षमता से अधिक गन्ना पेरेंगी।
जिले में नौ चीनी मिल हैं। बिजनौर और चांदपुर चीनी मिलों में पेराई शुरू नहीं हुई है। किसान रबी की बुवाई के लिए गन्ना काटकर खेत खाली करना चाहते हैं। इसलिए चीनी मिलों पर गन्ना डालने के लिए मारामारी है। जिले की 57 खांडसारी इकाईयों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। एक इकाई करीब 20-25 गांव का गन्ना खरीद रही है। इससे मिलों पर दबाव कम हो गया है। सहायक चीनी आयुक्त सीके वर्मा के अनुसार कुछ खांडसारी यूनिटों ने एक नवंबर से पेराई शुरू कर दी थी। परंतु दीपावली आ जाने से पेराई की गति तेजी नहीं पकड़ पाई थी। नौ नवंबर से इकाईयों ने पूरी क्षमता से पेराई शुरू की है। इकाईयों ने 15 नवंबर तक करीब चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर ली है। इससे करीब 50 हजार क्विंटल गुड़ तैयार हुआ है। आगे से खांडसारी इकाईयां एक से डेढ़ लाख क्विंटल गन्ना साप्ताहिक पेराई करेगी। माह के आखिर तक दस से 12 इकाई और चल जाएंगी। सभी इकाईयों के चल जाने पर जिले की इकाई बिजनौर, चांदपुर चीनी मिलों द्वारा पेराई करने वाले कुल गन्ने से अधिक गन्ना पेराई कर लेंगी।
चीनी मिलों से अधिक रिकवरी
सहायक चीनी आयुक्त सीके वर्मा के मुताबिक खांडसारी इकाईयों की रिकवरी 11 से 12 प्रतिशत चल रही है। यह रिकवरी चीनी मिलों से अधिक है। रिकवरी ज्यादा होने से गुड़ अधिक बन रहा है। गुड़ के बाजार भाव अच्छे हैं। गुड़ थोक में 2500 से 2750 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।