नजीबाबाद । मदरसा शिक्षकों की जिला स्तरीय बैठक में दो वर्ष से केंद्र सरकार से दिया जाने वाला मानदेय न मिलने पर शिक्षकों ने रोष व्यक्त किया। मदरसा शिक्षकों ने जल्द अंशदान मिलने पर आंदोलन की धमकी दी है।
केंद्र सरकार की मदरसा आधुनिकीकरण योजना में मान्यता प्राप्त मदरसों में तीन-तीन शिक्षकों की तैनाती की गई थी। केंद्र और प्रदेश सरकार से मदरसा शिक्षकों को मानदेय दिया जाता है। मदरसे में पढ़ा रहे जनपद बिजनौर सहित आसपास के जनपदों के मदरसा शिक्षक दो वर्ष से केंद्र द्वारा मानदेय के रूप में दिया जाने वाला अंशदान न मिलने से शिक्षकों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है।
मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के प्रांतीय महासचिव मो. वारिस, जिलाध्यक्ष कमरूद्दीन ने केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले मानदेय अंशदान जल्द न मिलने पर मदरसा शिक्षकों से विरोध आंदोलन के लिए तैयार रहने की सलाह दी। शकील अहमद रजा के संचालन में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ की ब्लॉक कमेटी के लिए आफताब आलम ब्लॉक अध्यक्ष और नफीस अहमद ब्लॉक महासचिव मनोनीत किए गए। कमर जहां को उपाध्यक्ष, मो.अरशद को कोषाध्यक्ष, संतोष कुमार को उपसचिव, परवेज आलम व अर्जुन सिंह को मीडिया प्रभारी, शकील अहमद रजा को संरक्षक बनाया गया। बैठक में शाहिद हुसैन, अरशद अली, मो.आरिज, नौशाद अली, कारी अब्दुल्ला, सुभाष, डौली कश्यप, रानी उपस्थित रहे।
केंद्र और राज्य सरकार से मिलता है अंशदान
नजीबाबाद। केंद्र सरकार की मदरसा आधुनिकीकरण योजना में मदरसे में पढ़ाने वाले एमए, बीएड शिक्षकों को राज्य सरकार से तीन हजार रुपये और केंद्र सरकार से 12 हजार रुपये, बीए, बीएड मदरसा शिक्षकों को राज्य सरकार से दो हजार रुपये और केंद्र सरकार से छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। मदरसे में एक शिक्षक की नियुक्ति हिंदी और अंग्रेजी, दूसरे शिक्षक की नियुक्ति गणित और विज्ञान और तीसरे शिक्षक की नियुक्ति सामाजिक विज्ञान पढ़ाने के लिए की जाती है।