परीक्षा नहीं देने पर होगी कार्रवाई
बिजनौर।
जिले में तैनात राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ ने कंप्यूटर दक्षता की परीक्षा देने से मना कर दिया है। एक साल पहले मिशन निदेशक ने जिले के 22 पैरामेडिकल स्टाफ को कंप्यूटर में दक्ष होने के निर्देश दिए थे। अब सभी पैरामेडिकल स्टाफ पर कार्रवाई होना तय है।
जनपद में 11 ब्लाक हैं, प्रत्येक ब्लाक में आरबीएसके की दो टीम तैनात हैं। टीम में दो चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स, एक पैरामेडिकल (डेंटल हाईजिनिस्ट, फार्मेसिस्ट और नेत्र सर्जन) स्टाफ होता है। मिशन निदेशक लखनऊ ने एक साल पहले निर्देश जारी कर पैरामेडिकल स्टाफ को एक साल के भीतर कंप्यूटर में दक्ष होने के निर्देश दिए थे। ताकि पैरामेडिकल रोजाना अपने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्ट बनाकर जिले को भेज सके है। इसके लिए शासन ने कंप्यूटर में दक्ष होने के बाद प्रत्येक आरबीएसके की टीम को एक लैपटॉप देने को भी कहा था।
शासन ने पिछले माह सभी पैरामेडिकल स्टाफ का कंप्यूटर दक्षता परीक्षा लेने का सीएमओ को निर्देश जारी किया। चार दिसंबर को सीएमओ कार्यालय में सभी 22 पैरामेडिकल स्टाफ को परीक्षा देने के लिए बुलाया गया। लेकिन स्टाफ ने कंप्यूटर नहीं आने की बात कहते हुए परीक्षा देने से साफ मना कर दिया। अब सभी पैरामेडिकल स्टाफ पर कार्रवाई होना तय हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए मिशन निदेश को पत्र भेज रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मैनेजर संकेत गहलौत ने बताया कि एसीएमओ डॉ. रोहताश द्वारा सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है। क्योंकि सभी ने दक्षता परीक्षा देने से इंकार कर दिया है।