ग्राम पंचायतों के खाता संचालन पर लगी रोक
बिजनौर। जिले की ग्राम पंचायतों का खाता संचालन बंद है। इससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। डीपीआरओ का दावा है कि बैंकों की प्रक्रिया पूरी करके जल्द ही ग्राम पंचायतों के खातों का संचालन शुरू हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों के दो खाते होते हैं। इन्हें निधि प्रथम, निधि सिक्स बोला जाता है। निधि प्रथम में वित्त आयोग का पैसा आता है। इस खाते के पैसे से गांवों के विकास कार्य होते हैं। निधि सिक्स में शौचालय निर्माण के लिए पैसा आता है। पंचायतराज विभाग ने एक सितंबर से निधि प्रथम के संचालन पर रोक लगा दी है। इससे गांवों के विकास कार्य ठप हैं। वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से शुरू होता है। जिन ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने अपने पास से पैसा लगाकर काम शुरू करा दिए थे, वे खातों का संचालन बंद होने से परेशान हैं। ग्राम प्रधान इस बारे में अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को इधर से उधर किया गया था। बैंकों में ग्राम पंचायतों का खाता ग्राम प्रधान तथा सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों से खुलता है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में बैंकों में खाते खुल गए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों के खाते आज कल में खुल जाएंगे। डीपीआरओ दफ्तर पर मौजूद प्रधानों के अनुसार आरोप है कि लंबे समय से मलाईदार ग्राम पंचायतों में कुंडली मारे बैठे ग्राम पंचायत सचिव नई तैनाती पर जाना नही चाहते हैं। वे अपना तबादला रुकवाने की जोड़तोड़ में लगे हैं। जिले में ग्राम पंचायत सचिवों की कमी है। करीब 125 ग्राम पंचायत सचिव व 75 ग्राम विकास अधिकारी हैं। एक एक सचिव पर तीन चार ग्राम पंचायतों के चार्ज हैं।