-48208 ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया
-35753 लोगों के आवेदनों पर नहीं मिली शासन की अनुमति
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। गरीब बीमारी में निशुल्क इलाज कराकर लंबी उम्र पा सके, सरकार ने इसके लिए आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था की है। जिले में 35 हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिनके आवेदनों को शासन की अनुमति नहीं मिल पाने के कारण कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में वह बीमारी का इलाज कराने के लिए भी इंतजार ही कर रहे हैं। ऐसे लोग स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) और पंचायत सहायक की है। वह शासन से मिली सूची के अनुसार लोगों का आयुष्मान कार्ड का आवेदन कर रहे हैं। जिले में 48208 आयुष्मान कार्ड का फरवरी में आवेदन किया गया है। जिनमें से केवल 6473 लाभार्थियों के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। जबकि 35753 लोगों के आयुष्मान कार्ड अभी अभी लंबित है।
फरवरी में आयुष्मान कार्ड खारिज होने की बढ़ी संख्या
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक फरवरी माह में आयुष्मान कार्ड खारिज होने की संख्या बढ़ गई है। जनवरी माह एक हजार के आसपास आयुष्मान कार्ड खारिज हुए थे। मगर फरवरी में यह संख्या बढ़कर 5813 हो गई है। जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आयुष्मान कार्ड खारिज होने की संख्या बढ़ने से लाभार्थी भी परेशान हैं। इसके पीछे पोर्टल की तकनीकी खामी को वजह बताया जा रहा है।
आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रदेश में 28वें नंबर पर बिजनौर
जिले में 1561094 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके चलते जिले में 580323 आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। कार्ड बनाने में प्रदेश में बिजनौर 28वें स्थान पर है। वहीं जिले में 67772 लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिया जा चुका है। लाभ देने में बिजनौर 11वें स्थान पर है।
ब्लॉक के अनुसार एक माह में आयुष्मान कार्ड की स्थिति-
ब्लॉक- आवेदन- सहमति- खारिज- अटके
बढ़ापुर- 52- 0- 0 - 52
अफजलगढ़- 48 - 1- 2- 45
बिजनौर- 466- 20- 30- 416
स्योहारा- 2693- 344- 390- 1959
चांदपुर- 448- 26- 17- 405
धामपुर- 3190- 333- 408- 2449
धामपुर(शहर)- 364- 13- 20- 331
हल्दौर- 3110- 222- 346- 2542
हल्दौर(शहर)- 84- 6- 6- 72
जलालाबाद- 199- 4- 4- 191
जलीलपुर- 4109- 541- 531- 3037
झालू- 236- 17- 17- 202
नोटःसभी आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं, जो फरवरी माह के हैं।
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वर्जनःः
आयुुष्मान कार्ड खारिज होने की ज्यादा समस्या आ रही है। इस संबंध में कार्यकारी संस्था से भी बात की गई है। उनका कहना है कि पोर्टल आयुष्मान कार्ड को स्वयं ही खारिज कर रहा है। इसके अलावा करीब 85 फीसदी कार्ड को अभी अनुमति नहीं मिली है। लाभार्थी परेशान है, जिसके चलते शासन को संबंध में पत्र भेजा जा रहा है।
....डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना