स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट की जांच शुरू
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में वित्तीय वर्ष 2018-19 में कंपोजिट ग्रांट के रूप में भेजी गई धनराशि का प्रयोग नहीं करने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मार्च के महीने में कंपोजिट ग्रांट के रूप में 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की धनराशि भेजी गई थी। लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी स्कूलों द्वारा इस धनराशि का प्रयोग नहीं किया गया है। ब्लॉक स्तर के अफसरों की माने तो करीब 30 प्रतिशत स्कूलों द्वारा ही कंपोजिट ग्रांट का प्रयोग किया गया है। इस धनराशि स्कूलों की रंगाई पुताई, फर्नीचर, स्कूलों में बिजली के पंखे, रख रखाव के लिए आवश्यक सामग्री, शौचालयों की सफाई के लिए सामान की खरीदारी आदि की जानी थी। लेकिन काफी संख्या में स्कूल ऐसे बताए जाते हैं जिनमें अभी तक काम भी शुरू नहीं हुआ है। जबकि इन स्कूलों में 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश होना है। ब्लॉक स्तर के अफसरों ने भी कंपोजिट ग्रांट के प्रयोग के लिए शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उधर, बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि जिन स्कूलों में 20 मई तक कंपोजिट ग्रांट का प्रयोग नहीं किया जाएगा तथा स्कूलों की रंगाई पुताई नहीं होगी। उन स्कूलों के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों को दिए निर्देश
बीएसए महेश चंद्र ने सोमवार को ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के प्राथमिक विद्यालय हेमराज कॉलोनी, नवलपुर बैराज स्कूलों का निरीक्षण किया। बीएसए ने शिक्षकों को बच्चों का नामांकन बढ़ाने तथा स्कूलों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को कंपोजिट ग्रांट का प्रयोग 20 मई से पूर्व ही करने के निर्देश दिए हैं।