एक होगी आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्कूलों की रसोई
बिजनौर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को अब हॉट कुक के बजाए मिड डे मील दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की रसोई एक ही होगी। इसके लिए गांवों में प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संयुक्त खाते खोले जाएंगे। इससे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले करीब डेढ़ लाख बच्चों को लाभ होगा।
बच्चों से कुपोषण को खत्म करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह साल तक के बच्चों को हॉट कुक दिया जाता था। आंगनबाड़ी ही केंद्र पर खाना तैयार कर बच्चों को देती थीं। करीब दो साल पहले हॉट कुक बंद कर दिया गया था। अब शासन केंद्रों पर फिर से पोषकयुक्त खाना देने की तैयारी कर रहा है। शासन की नई व्यवस्था के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब बच्चों को मिड डे मील दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का मिड डे मील तैयार किया जाएगा और बच्चों को परोसा जाएगा।
केंद्रों पर बच्चों को मिड डे मील बांटने में इस बार आधार की अहम भूमिका होगी। जिन बच्चों का आधार नंबर आंगनबाड़ी केंद्रों पर रजिस्टर्ड होगा, उन्हें ही मिड डे मील दिया जाएगा। केंद्रों पर डूप्लीकेसी रोकने के लिए ऐसा किया जाएगा। गांवों में प्राथमिक विद्यालय में ही आंगनबाड़ी केंद्र बने होते हैं। लेकिन शहरों में ऐसा नहीं होता है। शहरों में केेंद्र और स्कूल के भवन अलग होते हैं। शहरों में एनजीओ द्वारा मिड डे मील सप्लाई किया जाता है। शहरों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू करने के बारे में दिशा निर्देश के लिए शासन को लिखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संयुक्त खाते खोले जा रहे हैं।