बिजनौर । टीबी रोगियों की बलगम जांच कर धामपुर और नजीबाबाद के सीएचसी पर लगाई सीबीनॉट मशीन से की जाएगी। इससे आज से जांच शुरू हो गई । बृहस्पतिवार को धामपुर में तीन और नजीबाबाद में चार लोगों की जांच की गई।
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त कर दिया जाए। क्योंकि देशभर में सबसे ज्यादा मौतें टीबी रोग के कारण होती हैं। देशभर में टीबी रोगियों को चयनित करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया जा रहा है। बिजनौर जनपद में डोर टू डोर चलाये गए अभियान के माध्यम से 130 लोगों के टीबी से ग्रसित होने की पुष्टि हुई। इनमें से 89 बलगम जांच में और 41 के एक्सरे की जांच में टीबी के होने का खुलासा हुआ। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर धामपुर और नजीबाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सीबीनॉट मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों का कार्य लोगों के बलगम का परीक्षण कर टीबी रोग के होने की पुष्टि करना होता है। जिला क्षय रोग अधिकारी बिजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दोनों अस्पतालों में कार्टेज भिजवा दी गई हैं। अब धामपुर और नजीबाबाद क्षेत्र के लोगों के बलगम की कार्टेज बिजनौर भेजने की आवश्यकता नहीं है। बृहस्पतिवार को धामपुर के अस्पताल में तीन तथा नजीबाबाद में चार लोगों के बलगम की जांच की गई।