हाथियों के लिए खतरा बनीं विद्युत लाइनें
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर हाथियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। वन विभाग ने सीमा से लगे इलाके के बिजली विभाग के अधिकारियों को वनों व वन्यजीवों के लिए बने सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है। रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि हाथियों के लिए बिजली की लाइनें खतरा हो सकती है। गत वर्ष कालागढ़ के निकट भिक्कावाला के खेत में एक हाथी की जान करंट से जा चुकी है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे इलाके में अक्सर हाथी खेतों में चले जाते हैं। जहां उन्हें बिजली की लाइनों से खतरा हो जाता है। इस मामले में सतर्कता बरतने के आदेश कालागढ़ के अलावा ढेला झिरना आदि को वन विभाग ने दिए हैं। उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि बिजली के तारों/लाइनों के लिए वन और वन्यजीवों के क्षेत्रों के लिए अलग से कुछ नियम हैं। अक्सर नियमों का पालन सही न होने से वन्यजीवों को हानि पहुंचती है। वन विभाग ने कालागढ़, अन्य रेंज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बिजली विभाग की लाइनों को नियम के अनुसार अपने इलाके तैयार रखें। यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो उस मामले में कार्बेट प्रशासन विजली विभाग के खिलाफ वन अपराध जारी कर सकेगा।
बाघ की निगरानी के लिए लगाए ट्रैप कैमरे
उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार दो दिन पूर्व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के इलाके मे वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुई एक बाघ की मौत के बाद झिरना की सीमा पर लड़ाई में शामिल दूसरे बाघ की निगरानी के लिए सतर्कता बरती जा रही है। वहीं बिजनौर के वन अधिकारियों को वनों और प्रभावित क्षेत्र मे कैमरा ट्रैप लगाने को कहा गया है। हालांकि ऐसे मामलों में घायल बाघ की हालत में स्वत: ही सुधार हो जाता है।