ठंडे बस्ते में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची की मांग बेसिक शिक्षा विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दी है, जिसे लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। प्रमोशन कराने को लेकर शिक्षक आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। जिले के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 550 पद रिक्त पड़े हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पदों पर वर्ष 2010 में शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया गया था। इसके बाद शिक्षकों की पदोन्नति नहीं की गई। इतना ही नहीं शिक्षक संगठनों के कई बार मांग करने के बावजूद भी वरिष्ठता सूची भी जारी नहीं की गई। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने कई बार बीएसए से शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि कार्यालय में भ्रष्टाचार के चलते शिक्षकों की जायज मांगों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से शिक्षक वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने की मांग कर रहे हैं पर विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। अब इसे लेकर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत चौधरी ने बताया कि 15 दिन पहले बीएसए से वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने की मांग की थी, पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रमोशन की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री दुष्यंत कुमार ने कहा कि वरिष्ठता सूची जल्द जारी की जाए, नहीं तो शिक्षक लामबंद होकर आंदोलन करेंगे।
प्रमोशन से हल होगा तबादलों का मसला
जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पडे़ं पदों पर यदि शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिले तो शिक्षकों के तबादलों का मसला भी हल हो जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, रोशन लाल, असीम चौहान आदि का कहना है कि जिन स्कूलों में शिक्षक सरप्लस है उन स्कूलों से शिक्षक प्रमोशन की लाइन में भी है। ऐसे में यदि शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ मिले तो काफी शिक्षकों को तबादलों से राहत मिल जाएगी।