खुले में सोते मिले 26 लोग, रैन बसेरों में पहुंचाया
बिजनौर। कहां बना है रैन बसेरा, शायद यह खबर सड़क किनारे ही बिस्तर लगाने वालों को नहीं थी। दरअसल, खुले आसमान के नीचे 26 लोग सोते हुए मिले। रात में इन्हें सड़कों से उठाकर रैन बसेरों तक पहुंचाया गया। अधिकारी शहर भर में ऐसे लोगों को ढूंढ ढूंढकर रैन बसेरों में पहुंचाते रहे।
बुधवार रात 9:00 बजे जिला अस्पताल में बने स्थायी रैन बसेरे में आठ से दस बिस्तर लगे हुए थे, जो खाली पडे़ थे। यह रैन बसेरा खाली था, लेकिन वार्ड का नजारा अलग रहा। यहां एक तीमारदार महिला ने अपने मरीज के पास ही सोने के मकसद से फर्श पर बिस्तर लगा लिया। शायद इसे अस्पताल में बने रैन बसेरे की जानकारी नहीं थी। 9:15 बजे तक नगीना रोड रेलवे फाटक के पास कई लोगों ने सड़क किनारे ही बिस्तर लगाते हुए गहरी नींद लेनी शुरू कर थी। हालांकि इन्हीं के पास कूड़ा बीनने वाली कुछ महिलाएं अलाव के पास बैठी नजर आईं, ये कुछ ही देर में सोने वाली थीं।
तभी, एडीएम, तहसीलदार, पालिका ईओ विकास कुमार, शहर कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ पहुंच गए। उन्होंने खुले आसमान के नीचे बिस्तर लगाकर सो रहे लोगों को जगाया और इनका सामान एक गाड़ी में भर लिया। यहां से इन्हें रैन बसेरे में पहुंचाया गया। हालांकि इसी दौरान यहां सो रहा एक शराबी प्रशासन की टीम के साथ जाने को तैयार नहीं था, जिसे पुलिस की मदद से जबरन उठाकर ले जाया गया। इसके बाद इस टीम ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य जगहों पर ऐसे लोगों को तलाशा जो खुले आसमान के नीचे सो रहे थे। अलग-अलग जगहों से 26 लोगों को उठाकर रैन बसेरे में पहुंचाया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि हम रात में रोजाना शहर का निरीक्षण कर रहे हैं। बुधवार की रात 26 लोगों को रैन बसेरा में भिजवाया गया। रैन बसेरे में पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है।