टीबी रोग के लक्षण और उपचार के लिए किया जागरूक
बिजनौर। विश्व क्षय रोग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को टीबी रोग के लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर सीएमएस सुखवीर सिंह और जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत को इस साल की टीबी दिवस की थीम यही समय है के स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
बृहस्पतिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय के सभागार में विश्व क्षय रोग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएमएस सुखवीर सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी रहने पर निश्चित रूप से अपने बलगम (स्पुटम) की जांच अवश्य करानी चाहिए। जिससे क्षय रोग के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने सभी लोगों से टीबी के प्रति एकजुट होकर लड़ने का आहवान किया। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि भारत से टीबी को वर्ष 2025 तक पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि टीबी रोग का नियमित उपचार कर इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टीबी की दो प्रकार से जांच होती है। एक तो स्पुटम की जांच से दूसरा एक्सरे से टीबी रोग पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल, जिला टीबी अस्पताल समेत जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार नि:शुल्क किया जाता है। संभावित व्यक्ति अपनी जांच कराकर इस रोग के प्रति जागरुक हों। ऐसा खुद भी करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अक्षय परियोजना के जिला समन्वयक राहुल कुमार सिंघल ने इस साल की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञ केके सिंह, नेहरु युवा कल्याण समिति अध्यक्ष चमन सिंह, दीपक कुमार, शौर्य, नकुल कुमार, अरविंद शर्मा आदि मौजूद रहे।