अमरोहा। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार मंजीत सिंह राय ने अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। कहा कि इस बार कलम नहीं चला है। जल्द ही जिले में आऊंगा। आदतों में सुधार नहीं मिला तो अगली बार कार्रवाई तय है।
केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त और अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार मंजीत सिंह राय का गुरुवार को विकास भवन में समीक्षा बैठक कार्यक्रम तय था। इसके तहत प्रधानमंत्री के 15 सूत्री कार्यक्रम के प्रगति का जायजा लेना था।
प्रोटोकॉल के तहत विभागाध्यक्षों की मौजूदगी जरुरी थी। हालांकि अधिकांश विभागों के अधिकारी मीटिंग में नहीं आए। ऐसे में महज औपचारिकता के रुप में मीटिंग हुई। हॉल में अफसरों की मौजूदगी पर आयोग के सदस्य सरदार मंजीत का तेवर तल्ख हो गया।
अफसरों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई। कहा कि केंद्र सरकार की मंशा को नाकाम नहीं करने देंगे। अफसरों की जवाबदेही तय होगी। इस बार पहला मामला है, ऐसे में बख्श दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों की योजनाओं के लिए योजनाएं संचालित है। पात्रों का लाभ मिले। इसके लिए जरुरी उपाय अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेश यादव से योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
जिला नगरीय विकास अभिकरण की समीक्षा के दौरान सिटी मिशन मैनेजर सुरेंद्र दुबे ने बताया कि 35 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। मीटिंग में सीओ सिटी जितेंद्र सिंह और समाज कल्याण अधिकारी संजीव नयन मिश्र मौजूद रहे।
अल्पसंख्यकों ने नियुक्ति का अधिकार बहाल करने की मांग
अमरोहा। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार मंजीत सिंह ने कहा कि सरकार प्रतिबद्ध है। किसी के अधिकार का हनन नहीं होगा। किसी को तकलीफ नहीं मिलेगी। मीटिंग में इसाई समुदाय के लोगों ने क्रिसमस पर कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की। छात्रवृत्ति के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। मदरसा शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए पहल की मांग की गई। सिख मिशन उत्तर प्रदेश के प्रभारी ब्रजपाल सिंह ने प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की। बैठक में डॉ. जमशेद कमाल, उम्मे आरा, डॉ. पंधाल, सुशील जैसपर, रविंद्र सिंह, मंजीत छावड़ा, पुनीत सिंह, डॉ. महताब आदि रहे।