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सावन का महीना शुरू, कांवड़ लेकर निकले शिवभक्त

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अमरोहा। सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। शनिवार से शिवभक्तों के जत्थे ब्रजघाट, हरिद्वारा और नीलकंठ जैसे प्रसिद्ध स्थलों से जल लाने के लिए कूच करने लगे हैं। शिवभक्त रविवार की देर रात तक जल लेकर अपने शिवालयों और मंदिरों पर पहुंचेंगे। सावन के पहले सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करेंगे।
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पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि इस बार सावन माह में चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 30 जुलाई है, जबकि दूसरा 6 अगस्त को, तीसरा सोमवार 13 अगस्त और चौथा और आखिरी सोमवार 20 अगस्त का होगा। पिछले साल सावन माह में पांच सोमवार पड़े थे। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लाखों कांवड़िए नंगे पैर कांवड़ कंधे पर रखकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते है। कांवड़ यात्रा में भक्तों की श्रद्धा की परीक्षा होती है। चमड़े से बने सामान, वस्त्रो को छूना, धारण करना मना है। यात्रा में बोल बम-बम-बम और हर हर महादेव के नारे लगाए जाते हैं। श्रवणकुमार ने अपने अंधे माता- पिता को कांवड़ में उठाकर पैदल ही सावन के महीने में यह यात्रा की थी। इस लिए पैदल कांवड़ यात्रा करने से पुण्य मिलता है।

यहां के लोग ब्रजघाट से उठाते हैं कांवड़
अमरोहा। सावन माह में कांवड़ लाने के लिए ज्यादातर शिवभक्तों की आस्था ब्रजघाट से जुड़ी है। इस लिए अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद, संभल, बहजोई, चंदौसी समेत कई क्षेत्रों से हजारों कांवड़िए ब्रजघाट से कांवड़ उठाकर गंत्वय की ओर रवाना होते हैं। पहले और दूसरे सोमवार को शिवभक्तों की भीड़ कम रहती है। जबकि तीसरे और चौथे सोमवार को आस्था का सैलाब सड़कों पर दिखाई पड़ता है। भोले के जयकारों से फिजा गूंज उठती है।
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