अमरोहा। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से गांव बादशाहपुर में गायत्री परिवार अमरोहा के तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर कार्यक्रम टोली प्रमुख शिवानंद ने गुरु का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु की कृपा के बिना भवसागर से पार होना संभव नहीं है। क्योंकि गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर लेजाकर उद्घार का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा पर उन्हें याद कर उनका आशीर्वाद लेना जरूरी है। महारुद्र ने बताया कि आज के ही दिन भगवान बुद्घ ने सारनाथ में अपने शिष्यों को पहला उपदेश दिया था। डॉ. संयुुक्ता देवी चौहान ने कहा कि आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन का आध्यात्मिक महत्व बहुत ज्यादा है। अनिल शर्मा ने गुरु की महिमा के गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। राधेरमन टंडन और पूरन सिंह ने पंच कुंडीय यज्ञ कराया। शिवालय में तनसुख ने महाकाल की पूजा की। अंत में विशाल भंडारो का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों लोंगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में विशेष, शिशुपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, कालीचरन, बाबूराम, यशपाल सिंह, भारत सिंह, संजय, गोपाल, महेंद्र, मुनेंद्र, रमेश, मुकेश, संजीव कौशिक, हुकम सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।