रहस्मय बुखार से छह की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
प्रशासन में मचा हड़कंप, एसडीएम व तहसीलदार ने गांव में जाकर परिजनों को बंधाया ढांढस
पुलिस ने ससुर व बहू की लाश का कराया पोस्टमार्टम, परिवार के तीन सदस्य अस्पताल में भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
जिले में रहस्मय बुखार लोगों की जिंदगी निगल रहा है। चपेट में आए छह लोगों की मौत हो गई। एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत से प्रशासन में हड़कंप मचा है। एसडीएम व तहसीलदार ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया है, जबकि परिवार के दो बच्चे व उनकी दादी अस्पताल में भर्ती हैं। नन्हेड़ा अल्यारपुर गांव में आशा की बेटी व हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के रुद्रपुर निवासी युवक की मौत बुखार से हुई है। मौतों से प्रशासन बेचैन है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर कैंप किया और लोगों को दवाई दी।
देहात थाना क्षेत्र के गांव अदलपुर ताज निवासी गजराम का बेटा राधाकृष्ण (32) एसी मैकेनिक था। कई दिनों से वह बुखार से पीड़ित था और 25 अगस्त को उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोग जवान मौत के सदमे से उभर भी नहीं पाए थे कि परिवार का मुखिया गजराम (60), उसकी पत्नी भगवती, बहू सविता (30), पोता हर्ष व पोती खुशी भी बुखार की गिरफ्त में आ गई। निजी चिकित्सक से इलाज कराने पर भी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजनों ने सरकारी अस्पताल से दवाई लेने का कार्य शुरू कर दिया।
बताते हैं कि रात परिवार के मुखिया व उसकी पुत्रवधू ने दम तोड़ दिया। दोनों बच्चे व दादी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। बुखार से तीन मौत होने की भनक लगते ही प्रशासन में खलबली मच गई। उपजिलाधिकारी यशवर्धन श्रीवास्तव व तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार व एसओ हरपाल सिंह सुबह ही गांव पहुंच गए। मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। आर्थिक सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों की लाशों को पीएम के लिए भिजवा दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
आशा की बेटी की बुखार से मौत
अमरोहा। क्षेत्र के ही गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर निवासी सतीश की पत्नी बंटी स्वास्थ्य विभाग में आशा के पद पर कार्य करती है। करीब एक माह से उसकी छह वर्षीय बेटी तनु बुखार से पीड़ित थी। पहले निजी चिकित्सक से इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद पीएचसी से दवाई की। सोमवार की सुबह उसकी भी सांसें थम गईं। जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
बुखार पीड़ित युवक की मेरठ में मौत, परिजनों में कोहराम
हसनपुर। कोतवाली क्षेत्र के रुद्रपुर निवासी करन सिंह के उन्नीस वर्षीय बेटे सूरज को गत शनिवार को बुखार आया था, जिस पर परिवार के लोगों ने निजी चिकित्सक से दवाई दिला दी थी, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद रात उसकी हालत बिगड़ने लगी। बेचैन हुए परिजन उसको लेकर हसनपुर के निजी अस्पताल में पहुंचे। जहां डाक्टर ने उसको हायर सेंटर ले जाने की सलाह परिजनों को दी। परिजनों ने मेरठ के एक अस्पताल में सूरज को भर्ती करा दिया। बताया जाता है कि सुबह उपचार के दौरान ही उसकी सांसें थम गईं। लाश घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
- बुखार से मौत की खबर मिली थी, जिस पर एक टीम गांव भेजी गई थी। टीम ने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ित लोगों को दवाई वितरित की। सभी लोगों को घर के आस-पास सफाई व्यवस्था रखने को कहा गया है।
- एसके जैन, सीएमओ
बीलनी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर
अमरोहा। बुखार से तीन की मौत व कई लोगों के पीड़ित होने का मामला सुर्खियों में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं। डा. मयंक के नेतृत्व में टीम आज गांव पहुंची। जहां पर उन्होंने पहले बुखार से मरे लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद मोहल्ले में शिविर लगाकर मरीजों के परीक्षण का कार्य प्रारंभ किया। तकरीबन 100 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाई दी। एहतियात बरतने की सलाह दी। चिकित्साधीक्षक डा. उमर फारूक ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर दवाई बांटी गई है।