बिजनौर। बर्ड फ्लू के संबंध में डीएम की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला है। फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू एक पक्षी से दूसरे पक्षी और पक्षी से मनुष्य में फैलता है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू से पीड़ित मुर्गी की आंख और नाक से अधिक स्त्राव होता है। कलगी और पंजे नीले पड़ जाते हैं। मुर्गी एक ही स्थान बैठी रहती है और उसके चेहरे व गर्दन पर सूजन आ जाती है। बर्ड फ्लू को रोकने के लिए फार्म पर अनावश्यक लोगों की आवाजाही न हो, फर्म के चारों ओर चूने का छिड़काव कराने, फार्म का प्रवेश द्वार बंद करते ही कपड़े व जूते बदलने की व्यवस्था हो, प्रवेश द्वार पर वाटर बाथ की व्यवस्था होनी चाहिए। पक्षियों का अस्वाभाविक और अचानक मृत्यु होने पर पशुपालन विभाग को सूचित करना चाहिए। डीएम ने उपस्थित अधिकारियों को इस संबंध में संवेदनशील होकर कार्य करने के निर्देश दिए।