बिजनौर। तहसील नजीबाबाद के क्वेक्स नोडल अधिकारी महेंद्र सिंह ने नगर और देहात क्षेत्र में झोलाछाप/अपंजीकृत चिकित्सकों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। भनक लगते ही 27 झोलाछाप अपने क्लीनिक/नर्सिंग होम बंद कर फरार हो गए। एसीएमओ ने दो झोलाछापों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए है।
नोडल अधिकारी महेंद्र सिंह के अनुसार मौजमपुर तुलसी गढ़ी निवासी डा. अवधेश शर्मा, डा. कफील अंसारी, डा. अरशद जावेद अंसारी, भागूवाला के इब्ने सऊद, डा. रवि सिंह, डा. मुलायम सिंह, गांव नारायणपुर निवासी डा. प्रकाश विश्वास बंगाली, कोटद्वार रोड़, समीपुर के डा. अर्जुन सिंह, हरिद्वार रोड़ राहतपुर के डा. मयंक, गांव गजरौला पैमार के डा. नरेश शर्मा, रामलीला मैदान किरतपुर के डा. रंजीत सिंह, भोजपुर के डा. अमित कुमार, किरतपुर के डा. सैयद इजहार, डा. एके अधिकारी बंगाली, भोजपुर के डा. मालिक बंगाली, गांव सौबतपुर के डा. शोभित, साहनुपर के डा. सुरेश, डा. राहत, गांव लुकादड़ी के डा. सुरेश, गांव लाठीपुरा के डा. राकेश, जाब्तागंज नजीबाबाद निवासी डा. संजीव, सैदपुर निवासी डा. सत्तार, जलालाबाद निवासी डा. सुरंजन विश्वास, आदर्श नगर नजीबाबाद निवासी डा. मलखान सिंह, हवेलीतला नजीबाबाद निवासी डा. नफीस अंसारी, गांव धनसीनी के डा. देशराज, गांव श्यामीवाला निवासी डा. अमित सरकार बंगाली, सिकंदरपुर बसी निवासी डा. अशोक कुमार के क्लीनिक/नर्सिंग होम पर छापेमारी की गई। भनक लगते ही ये चिकित्सक अपने प्रतिष्ठान बंद फरार हो गए। इसके अलावा जलालाबाद निवासी डा. गौरव शर्मा और डा. रामअवतार शर्मा को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब देने को कहा।