किसानों के तेवर और प्रशासन की सख्ती से बैकफुट पर वेव ग्रुप
बिजनौर। किसानों के आंदोलन व प्रशासन की सख्ती को देखते हुए वेव ग्रुप बैकफुट पर आ गया है। सॉफ्ट लोन मिलने के बाद ही भुगतान की बात कहने वाले ग्रुप के अधिकारियों ने पिछले साल के भुगतान के 20.78 करोड़ के चेक प्रशासन को सौंपे हैं। बाकी भुगतान भी जल्दी करने का आश्वासन दिया है। भारतीय किसान यूनियन ने हर हाल में चार मार्च तक संपूर्ण गन्ना भुगतान कराने को कहा है। पांच मार्च को पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।
वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल ने किसानों को पिछले साल का भी गन्ना बकाया भुगतान किसानों को नहीं दिया था। बिजनौर चीनी मिल पर किसानों का पिछले साल का 26.50 करोड़ रुपये तथा चांदपुर चीनी मिल का 35.63 करोड़ रुपये बकाया है। दोनों मिल पर 62.13 करोड़ रुपये बकाया हैं। वेव ग्रुप की दोनों मिलों को शासन ने सॉफ्ट लोन देने से इंकार कर दिया था। मिल की चीनी भी पहले से ही बैंक के पास गिरवी पड़ी है। ग्रुप के अधिकारी सॉफ्ट लोन मिलने पर ही भुगतान की रट लगाए थे। भुगतान के लिए किसानों के आंदोलन तेज होते जा रहे थे। चीनी मिल के अधिकारियों ने किसानों व प्रशासन के साथ होने वाली वार्ता में भी आना बंद कर दिया था। इससे प्रशासन भी किसानों के सामने भारी दवाब में था। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को बिजनौर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर कब्जा कर गढ़वाल एक्सप्रेस रोक दी थी। बुधवार व बृहस्पतिवार को ग्रुप व मिल अफसरों की तलाश में पुलिस ने अमरोहा, नोएडा, बुलंदशहर आदि में दबिश दी थी। अमरोहा में एक अफसर को पुलिस बिजनौर ला भी रही थी, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था। किसानों के तेवर और पुलिस की दबिश से घबराकर वेव ग्रुप के अफसर बैकफुट पर आ गए। वेव ग्रुप की ओर से पिछले साल की के भुगतान के दो चेक दिए गए। बिजनौर चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की मौजूदगी में चेक दिए। उन्होंने बकाया भुगतान के लिए मार्च का शेड्यूल भी सौंपा, लेकिन किसान व अधिकारी उससे सहमत नहीं हुए। वेव ग्रुप से तुरंत भुगतान के लिए कहा गया है। इस दौरान किसान अतुल कुमार, राजीव कुमार, दीपक तोमर, सिंधुराज सिंह आदि मौजूद रहे।
इतना भुगतान मिला
चांदपुर चीनी मिल पर पिछले सत्र का 35.63 करोड़ बकाया है। इसका एक मार्च का 4.98 लाख का चेक सौंपा गया। इसमें से चार करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा दस मार्च का पांच करोड़ का एक और चेक दिया गया। बिजनौर चीनी मिल पर 26.50 करोड़ रुपये बकाया है। एक मार्च का 4.55 करोड़ का चेक दिया गया और दस मार्च का 6.25 करोड़ रुपये का चेक दिया गया है।
बुंदकी ने किया भुगतान
बुंदकी चीनी मिल ने भी शुक्रवार को 12.5 करोड़ रुपये का चेक प्रशासन को सौंपा। नियम के अनुसार इस सत्र में 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने वाली बुंदकी पहली चीनी मिल है। मिल द्वारा एकदम समय से भुगतान किया जा रहा है।
प्रशासन सख्त
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना भुगतान के लिए प्रशासन सख्त है। भुगतान कराने के लिए जो भी सख्त कदम हैं उठाए जाएंगे।