रेहड़ (बिजनौर)। उत्तराखंड की ढिकाला रेंज में बाघ के हमले में बेटे की मौत होने के सदमे में पिता ने दम तोड़ा। एक माह में दो मौत होने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव फतेहपुर धारा निवासी पुष्पेंद्र ने बताया कि तीन नवंबर को उसका बड़ा भाई पंकज (25) ढिकाला रेंज (उत्तराखंड) में वनकर्मियों के साथ मजदूरी करने के लिए गया था। लौटते समय बाघ ने उस पर हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। ग्रामीण निहाल, मनोज, रतन, भारत आदि ने बताया कि बेटे की मौत के सदमे में भोपाल बीमार पड़ गया था। उसका उपचार निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। बुधवार को उसकी मौत हो गई। एक माह में पिता और पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। उनका रो-रो कर बुरा हाल है।
वन विभाग के चेक नहीं हुए कैश
परिजनों ने बताया कि पंकज की मौत के बाद वन विभाग ने पांच लाख का मुआवजा देने की घोषणा कर तत्काल एक लाख रुपये दे दिए थे। कुछ दिन बाद दो लाख का चेक दिया गया था, जो आज तक कैश नहीं हो पाया है। साथ ही दो लाख रुपये वन विभाग के पास अभी भी बकाया है। बेटे की मौत के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने वृद्ध की मौत के लिए वन विभाग के आश्वासन को जिम्मेदार ठहराया है। कहना है कि यदि शीघ्र ही पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। उधर, एसडीओ हरी सिंह का कहना है की मामला उत्तराखंड का है। मुआवजा वहीं से दिया जाएगा।