अमरोहा। पशुओं को नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर ले जाने के सरकार के आदेश पर कार्रवाई करने का नगर पालिका ने मन बना लिया है। इसी क्रम में पालिका ने नगर क्षेत्र में रहकर पशुपालन करने वाले सौ से ज्यादा पशुपालकों को नोटिस भेजकर पशुओं को नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर ले जाने के निर्देश जारी किए थे। इधर, महीनाभर बीतने के बाद भी पशुपालकों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अब पालिका इनके खिलाफ चालान कर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में लगी हुई है।
पशुओं के गोबर, चारा और अवशेष के कारण नगर क्षेत्र में गंदगी फैलने के साथ ही नाले चोक हो जाते हैं। पशुओं को नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर ले जाने के निर्देश पशुपालकों को सरकार ने दिए हैं। इसके अनुपालन में नगर पालिका ने 115 पशुपालकों को नोटिस भेजकर पशुओं को नगर क्षेत्र से बाहर ले जाने के लिए एक माह का समय दिया था। ऐसा न करने पर पालिका ने प्रति पशु पांच सौ रुपये के हिसाब से जुर्माने की व्यवस्था की है। नोटिस भेजे जाने के महीनाभर बाद से अभी तक पशुपालकों ने इसका जवाब नहीं दिया है। इसलिए पशुपालकों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सीधे चालान काटकर की जाएगी कार्रवाई
अमरोहा। एसडीएम व नगर पालिका के प्रभारी ईओ सुखवीर सिंह ने कहा कि पशुपालकों को नोटिस भेजकर एक माह का समय दिया गया था। पशुपालक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब सीधे चालान काटकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंधाधुंध जलदोहन कर रहे पशुपालक
अमरोहा। पशुशालाओं की साफ-सफाई से लेेकर पशुओं को नहलाने तक में पशुपालक जमकर पानी की बर्बादी कर रहे हैं। इस दौरान घंटों तक पानी की फिजूलखर्ची की जाती है। यही वजह है कि पशुशालाओं से बहकर गोबर और चारा नालों में बह जाता है। इससे नाले चोक होकर शहर में जलभराव की समस्या पैदा होती है। पशुपालक बिना कनेक्शन के अवैध रूप से सबमर्सिबल पंप के जरिए पानी की बर्बादी करते हैं। इन पर बिजली विभाग द्वारा कार्रवाई न किया जाना हैरत की बात है।