खेतों में खड़े गन्ने का जायजा लिया
बढ़ापुर।
द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के महाप्रबंधक (गन्ना प्रशासन) रमेश परशुरामपुरिया ने कई गांवों में जाकर किसानों के खेतों में खड़े शेष गन्ने की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को ईंख में खड़े शेष गन्ने की सिंचाई करने और समिति पर्ची मिलने के बाद ही मिल में गन्ना आपूर्ति करने की सलाह दी है।
मंगलवार को द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के गन्ना विभागाध्यक्ष व महाप्रबंधक (गन्ना प्रशासन) रमेश परशुरामपुरिया ने गांव चकउदयचंद, बहेड़ी, सरदारपुर छायली, कुंजेटा, मुकंदपुर, तारापुर, रामजीवाला, दलीपपुर, चपड़ा, नंदपुर, तौफीकवाला आदि गांवों में जाकर शेष गन्ने की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को बताया कि चालू पेराई सत्र में चीनी मिल पूर्व पेराई सत्रों की अपेक्षा एक माह अधिक समय चलेगी। इस वर्ष देश में चीनी के ज्यादा उत्पादन से दामों में भारी गिरावट आई है।
उन्होंने बताया कि अब बसंतकालीन गन्ना बुवाई का उचित समय नहीं है। इसलिए गन्ना कृषक गेहूं कटाई के बाद उस खेत में गन्ने की बुवाई न करें बल्कि गन्ने के स्थान पर कोई अन्य मूंग, लोबिया, उड़द आदि की बुवाई कर आदर्श फसल चक्र अपनाएं। विभागाध्यक्ष गन्ना रमेश परशुरामपुरिया ने किसानों से गन्ने में खड़े शेष गन्ने की सिंचाई और समिति पर्ची मिलने के बाद ही साफ, ताजा अगोला, जड़, पत्ती रहित गन्ना ही मिल में आपूर्ति करने की सलाह दी है। उन्होंने अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करने, पेराई सत्र समाप्ति के बाद होने वाले गन्ना सर्वेक्षण में सर्वेकर्ता का सहयोग करने, कृषि भूमि के प्रमाणीकरण के लिए अपनी खसरा खतौनी तहसील से प्रमाणित कराकर एक-एक प्रति समिति और मिल में जमा करने और गन्ना सट्टे को आधार नंबर से लिंक कराने का आह्वान किया।