काला, बदबूदार मिला छोईया नदी का पानी
बिजनौर। दिल्ली से आई राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की टीम जिले में छोईया नदी की हालत देखी तो दंग रह गई। छोईया नदी के आसपास बदबू के कारण खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। नदी के आसपास को जानवर या पक्षी फटक तक नहीं रहा था। टीम ने कैंसर पीड़ितों से भी बात की। इसकी रिपोर्ट दिल्ली में दी जाएगी।
कुछ दिनों पहले बिजनौर में आए एक कार्यक्रम में केंद्रीय गंगा स्वच्छता राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने छोईया नदी के प्रदूषण का मामला उठाया था। बताया था कि छोईया नदी के प्रदूषण से आसपास के गांव वालों में कैंसर महामारी की तरह फैल रहा है। गांव वाले परेशान हैं। डॉ. सत्यपाल सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए गंगा के साथ छोईया नदी को भी साफ करने की बात कही थी। बुधवार को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिनव मलिक, अभय राणा, विशेष दतरवाल, गलशेर सिंह बिजनौर पहुंचे। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी के साथ मौके पर जाकर देखा कि छोईया नदी का प्रदूषण से बुरा हाल है। नदी का पानी एकदम काला है।
नदी से आ रही बदबू के कारण धारा के आसपास कोई गांव वाला मकान भी नहीं बना रहा है। टीम ने गांव हादरपुर, गोपालपुर, अगरी आदि में जाकर देखा। इन गांवों में कैंसर पीड़ितों से भी बात की। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के पानी से उनकी फसलें आदि भी जहरीली हो गई हैं। नदी किनारे के गांवों में कैंसर का प्रकोप है। अब तक दर्जनों गांव वाले कैंसर की भेंट चढ़ चुके हैं। कुछ दिन पहले नमामि गंगे योजना की टीम भी दौरा करके गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। बताया कि नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी डाले जाने के कारण प्रदूषण फैल रहा है। टीम ने यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाने की बात कही है।
आग से लाखों का नुकसान
बिजनौर। मोहल्ला चाहशीरी स्थित इसरार अहमद की आरा मशीन में रखी लकड़ियों में मंगलवार रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग से लाखों रुपये की लकड़ी जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड को फोन किया तो फोन नहीं लगा। मोहल्लेवालों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।