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सुरेंद्र सिंह की तरह ही हुई लोकेंद्र चौहान की मौत

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बिजनौर। इसे इत्तेफाक कहा जाए या कुछ और। 28 साल पहले ठाकुर बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले धामपुर से भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह की भी सड़क हादसे में उसी समय मौत हुई थी, जिस समय विधायक लोकेेंद्र चौहान की हुई है। दोनों का ननसाल भी एक ही गांव में है। दोनों के गांव भी थोड़ी दूर ही है। सुरेंद्र सिंह भी जिले की राजनीति पर छाए हुए थे।
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रामलहर में 1989 में हुए चुनाव में सुरेंद्र सिंह धामपुर विधानसभा सीट से विधायक बने थे। 26 मार्च 1990 को सुरेंद्र सिंह की स्योहारा व अपने गांव जसरामपुर के बीच सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सुबह करीब पांच बजे उनकी कार और ट्रक में भिड़ंत हो गई थी। सुरेंद्र सिंह की गिनती भाजपा के दमदार विधायक में होती थी। जिले की राजनीति में सुरेंद्र सिंह उस वक्त छाए हुए थे। संयोग देखिए कि जिस समय सुरेंद्र सिंह की सड़क हादसे में मौत हुई थी, उसी समय लगभग पांच बजे नूरपुर के विधायक लोकेंद्र चौहान की भी मौत हुई है। लोकेंद्र चौहान का गांव आलमपुर व सुरेंद्र सिंह के गांव जयरामपुर में मात्र चार किलोमीटर की दूरी है। गजब तो यह है कि दोनों का ननसाल भी एक ही गांव पेड़ी जसमौर में है। सुरेंद्र सिंह की तरह लोकेेंद्र चौहान भी राजनीति में छाए रहे। सुरेंद्र सिंह ने भाजपा के अलावा किसी और दल की राजनीति नहीं की। लोकेंद्र चौहान ने भी भाजपा से ही अपनी राजनीति शुरू की। वे किसी और दल मेें नहीं गए। सुरेंद्र सिंह की सड़क हादसे में हुई मौत पर शक किया जा रहा था कि कहीं उनके विरोधियों ने तो सड़क हादसे में उनकी जान नहीं ले ली। इस बात को लेकर जिले की सियासत खूब गरमाई थी, पर तमाम जांच के बाद यही बात सामने आई थी सुरेंद्र सिंह की मौत सड़क हादसे में ही हुई है। सुरेंद्र सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद उनके भाई राजेंद्र सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने थे। सुरेंद्र सिंह भी ठाकुर बिरादरी से राजनीति में बड़ा चेहरा थे। इसी तरह लोकेंद्र चौहान भी ठाकुर राजनीति का जिले में बड़ा चेहरा बन गए थे।
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