बिजनौर। किसानों ने अधिकारियों के बैठक में नहीं जाने तथा शिकायत निपटाने के नाम पर महज खानापूरी करने का आरोप लगाते हुए किसान दिवस का बहिष्कार किया। किसानों ने जानवरों के साथ कलक्ट्रेट में डेरा डालकर शिकायत का समाधान कराने का एलान किया है। भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसान को गुमराह करने वाले बयानों के झांसे में नहीं आएंगे।
किसान दिवस हर माह के तीसरे बुधवार को होता है, परंतु इस बार अपरिहार्य कारण से किसान दिवस शनिवार को हुआ। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा ने पिछली कार्रवाई का ब्योरा बताना शुरू किया। अभी उन्होंने 20 शिकायतों पर हुई कार्रवाई के बारे में ही बताया था कि भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने उन्हें रोक दिया। अन्य किसान भी उनके समर्थन में खड़े हो गए। जिला अध्यक्ष का आरोप था कि किसान दिवस में आई शिकायतों में से मात्र दो से पांच प्रतिशत का समाधान होता है। उन्होंने समाधान की गई कई शिकायतों को गिनाते हुए कहा कि मौके पर समाधान फर्जी मिला है। डीएम समेत विभागीय अधिकारी किसान दिवस में आते नहीं हैं। कागजी खानापूरी हो रही है। किसान दिवस में जब तक नहीं आएंगे जब तक कि अधिकारी अपना मन काम करने का नहीं बना लेते हैं। भाकियू अधिकारियों को 15 दिन का समय दे रही है। इसके बाद किसान शिकायतों को लेकर अपने तरीके से निपटेंगे। जानवरों के साथ कलक्ट्रेट में डेरा डाल दिया जाएगा। किसान दिवस की अध्यक्षता कर रहे उपनिदेशक कृषि जेपी चौधरी ने इस बारे में किसानों को सफाई देने की कोशिश की, लेकिन किसानों ने उनकी एक बात नहीं सुनी। किसान नारेबाजी करते हुए किसान दिवस का बहिष्कार करके चले गए। प्रदेश सचिव रामअवतार सिंह, होशियार सिंह, अतुल कुमार आदि रहे।
गन्ने की फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से हुई बाहर
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार शासन ने गन्ने की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर कर दिया है। गन्ने को लेकर बीमा प्रीमियम की कटौती नहीं होगी। रबी की फसल पर दो प्रतिशत तथा खरीफ की फसल पर डेढ़ प्रतिशत बीमा प्रीमियम देय है।