बिजनौर। दरोगा सहजोर सिंह मलिक हत्याकांड का खुलासा न होने पर रालोद के बिजनौर व मुजफ्फरनगर के रालोद नेताओं ने दरोगा के परिजनों के साथ कलक्ट्रेट में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। धरने को भाकियू ने भी समर्थन दिया। जिला प्रशासन द्वारा केस का खुलासा करने में विफल होने पर सीबीआई जांच की मांग की है।
पूर्व सांसद मुंशीराम पाल ने कहा कि ऑन ड्यूटी दरोगा की निर्मम हत्या करके प्रदेश की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी गई है। कहा कि 30 जून को हुए हत्याकांड का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस अपने ही दरोगा की हत्या का खुलासा नहीं कर पा रही है। पूर्व विधायक राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो गई है। किसान हों या नौजवान, योगी सरकार में सभी बेहाल हैं। जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि हत्याकांड का खुलासा न होने तक बेमियादी धरना दिया जाएगा। हत्यारों की जल्दी गिरफ्तारी न होने पर अगर आंदोलन उग्र हुआ तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार की होगी। भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़ व प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह ने भी धरने को समर्थन दिया। वक्ताओं ने मृतक दरोगा के परिजनों को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। संचालन कुलदीप चिकारा ने किया। धरने में पूर्व जिलाध्यक्ष बृजवीर सिंह व राहुल सिंह, हरपाल सिंह, एमपी सिंह, मुनिदेव शर्मा, महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, योगराज सिंह, आशु राणा, यादराम चंदेल आदि मौजूद रहे।
जल्दी हों पति के हत्यारे गिरफ्तार : सरिता सिंह
धरने में दरोगा सहजोर सिंह मलिक की पत्नी सरिता सिंह, बड़े भाई सतेंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह भी शामिल हुए। सरिता सिंह ने कहा कि पुलिस अब तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सरकार ने आर्थिक मदद की घोषणा तक नहीं की। पुलिस ने जो आर्थिक मदद की घोषणा की थी, वह भी अभी पूरी नहीं हुई है। उनके तीन बच्चे हैं। कहा कि उनके परिवार सबसे अच्छा परिवार है। परिवार के किसी भी सदस्य पर शक नहीं है। बस पुलिस बस उनके पति के हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार कर उन्हें इंसाफ दिलाए।