बिजनौर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की पोल बीएसए के निरीक्षण में खुल गई। दो कस्तूरबा स्कूलों के निरीक्षण में एक छात्रा ही उपस्थित मिली। एक कस्तूूरबा स्कूल बंद पाया गया है। बीएसए ने स्कूलों की स्थिति पर नाराजगी जताई और शिक्षिकाओं का एक-एक दिन का मानदेय काटने के निर्देश दिए हैं और स्कूल की स्थिति में सुधार के लिए कहा गया।
कस्तूूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों पर शासन मोटी रकम खर्च करता है। बृहस्पतिवार को बीएसए ने दोपहर करीब तीन बजे ब्लॉक किरतपुर के नगर क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र के दोनों कस्तूरबा स्कूलों का निरीक्षण किया।
बीएसए ने बताया कि नगर क्षेत्र के कस्तूरबा स्कूल में 100 पंजीकृत छात्राओं में से मात्र एक छात्रा उपस्थिति मिली। लेखाकार गुलनाज अनुपस्थित मिली। लेखाकार का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र का कस्तूरबा गांधी स्कूल बंद मिला। इस स्कूल में सात शिक्षिकाओं का स्टाफ है। बीएसए ने वार्डन सहित पूरे स्टाफ का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं । वार्डन से जवाब तलब किया है। वार्डन को छात्राओं के अभिभावकों से संपर्क कर उपस्थिति बढ़ाने को कहा गया है।