बुधवार को पुराने महिला अस्पताल स्थित गोदाम के पास आग की ऊंची लपटे और धुआं उठता देखा तो लोग उस तरफ पहुंचे तो देखा कि बड़ी मात्रा में परिवार नियोजन संबंधी सामग्री के पैकेट आदि सामान जलाया जा रहा था। सूचना पर मीडिया कर्मी भी वहां पहुंच गए।
पूछताछ में पता चला कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने इसे जलाया है। कारण पूछने पर बताया कि यह सभी एक्सपायर हो चुके है, इसलिए जलाया जा रहा है। अब सवाल उठता है कि सरकार परिवार नियोजन पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मी इसी को पलीता लगाने पर तुले हुए है।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मुफ्त में निरोध बांटे जाते हैं। इसका गोदाम पुराने महिला अस्पताल में बना है। यहीं से पूरे जिले के लिए सप्लाई की जाती है। मगर, अधिकारी और कर्मचारी समाप्ति तिथि से पहले तक निरोध बंटवा नहीं पाए।
नाकामी छिपाने के लिए बड़ी मात्रा में निरोध के डिब्बों को आग लगा दी गई। उधर, इस संबंध में सीएमओ राकेश मित्तल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो वह बेहद ही गलत है। वे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।