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सीओ से मिले जलालाबाद के नागरिक और रिक्शा चालक

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नजीबाबाद। बिना पंजीकरण और बगैर लाइसेंस ई रिक्शा संचालित न होने देने के पुलिस के कड़े रुख से रिक्शा चालक परेेशान हैं। उधर, सीमा निर्धारण को लेकर रिक्शा चालकों में बेचैनी बढ़ गई है। मंगलवार जलालाबाद क्षेत्र के नागरिकों और रिक्शा चालकों ने सीओ से मिलकर रिक्शा संचालन में की गई सख्ती कुछ कम करने की मांग की।
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प्रशासन द्वारा रिक्शा संचालकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि एआरटीओ बिजनौर से अपनी ई रिक्शा का पंजीकरण कराएं और लाइसेंस भी लें। तभी क्षेत्र में ई रिक्शा का संचालन होने दिया जाएगा। प्रशासन की इस गाइड लाइन को गंभीरता से न लेने वाले कुछ रिक्शा पोलरों की ई रिक्शाएं पुलिस ने कब्जे में ले ली थीं। पूर्व चेयरमैन मुअज्जम खां के हस्तक्षेप के बाद हालांकि ई रिक्शाएं तो छूट गईं, मगर प्रशासन द्वारा स्पष्ट कर दिया गया कि ई रिक्शाओं के संचालन में यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। उधर, मामले के पटाक्षेप के लिए निर्धारित की गई सीमा अब रिक्शा चालकों के लिए गले की हड्डी बन चुकी है। मंगलवार को जलालाबाद चेयरपर्सन के पति लियाकत अंसारी, खुर्शीद शेख, नजम खान, नसीम खां, शाहिद शेेख सीओ अरुण कुमार सिंह से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने रिक्शा संचालन में सीमा के निर्धारण पर पुनर्विचार कर इस निर्णय को खारिज करने और रिक्शा चालकों को कहीं से भी सवारी लेने और कहीं पर भी छोड़ने, पंजीकरण होने और लाइसेंस बनने तक रिक्शा संचालन की अनुमति देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल के अलावा कुछ रिक्शा चालकों ने भी सीओ से मिलकर उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत कराया।
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