बिजनौर। विशिष्ट बीटीसी के तहत वर्ष 2005 में प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए गए 400 शिक्षकों के प्रशिक्षण के मानदेय भुगतान की आस जग गई है। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है। बीएसए ने जिले के सभी बीईओ से शिक्षकों की सूची जमा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक शिक्षक को 20-20 हजार रुपये का भुगतान होना होना है।
विशिष्ट बीटीसी के तहत जिले में वर्ष 2005 में 400 शिक्षक प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात किए गए थे। इन शिक्षकों को वर्ष 2004 में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान इस्माईलपुर से प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण की अवधि में शिक्षकों को 2500 रुपये प्रत्येक महीने के हिसाब से भुगतान किया जाना था। शिक्षक ताजवीर सिंह व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह, रूपेश चौधरी ने बताया कि शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान आठ महीने के प्रशिक्षण का भुगतान नहीं किया गया। इसके लिए शिक्षकों ने कई बार डायट प्राचार्य से मानदेय भुगतान की मांग भी की। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को 20-20 हजार रुपये ब्याज सहित भुगतान किए जाने की लगातार मांग होती रही है।
मानदेय की आस जगी
विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मदन पाल सिंह के नेतृत्व में भी शिक्षक मानदेय भुगतान की मांग करते रहे। अब शासन से शिक्षकों मानदेय भुगतान के लिए ग्रांट बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई है। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी विकास क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2005 में विशिष्ट बीटीसी के तहत नियुक्ति पाए शिक्षकों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों का कहना है कि अब उनके मानदेय भुगतान की आस जग गई है।