बिजनौर। इस बार सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर का बोर्ड मूल्यांकन केंद्र से पत्ता साफ होना तय है। डीआईओएस दफ्तर से मूल्यांकन केंद्र बनाए जाने के लिए जिला मुख्यालय के चार कॉलेज की संस्तुति बोर्ड मुख्यालय को की गई है। मूल्यांकन केंद्रों पर कापियों के जांचने का काम मार्च के प्रथम सप्ताह में शुरू हो सकता है।
जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की कापियों के जांचने के लिए अब तक जीआईसी बिजनौर, जीजीआईसी बिजनौर, आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर ,डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर व सीडी इंटर कालेज हल्दौर मूल्यांकन केंद्र थे। जीआईसी बिजनौर व आरजेपी बिजनौर इंटर के मूल्यांकन केंद्र थे। जीजीआईसी बिजनौर, डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर व सीडी इंटर कॉलेज पर हाईस्कूल की कापियां जांचने के केंद्र थे। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार इस बार जिला मुख्यालय के कॉलेजों को मूल्यांकन केंद्र बनाने के लिए उनके स्तर से प्रस्ताव भेजे गए हैं। सीडी इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव बोर्ड को नहीं भेजा गया है। डीआईओएस के मुताबिक मूल्यांकन केंद्रों के निर्धारण के लिए प्रदेश के डीआईओएस की बैठक दो फरवरी को बोर्ड मुख्यालय इलाहाबाद में होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक नहीं हुई। नई तारीख बैठक की अभी नहीं आई है। मूल्यांकन केंद्रों के निर्धारण के बारे में अंतिम निर्णय बोर्ड का होता है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सामान्यतया उन कॉलेज को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है, जिनकी संस्तुति डीआईओएस दफ्तर करता है। माना जा रहा है कि इस बार सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर मूल्यांकन केंद्र नहीं बनेगा।
जिला मुख्यालय के कॉलेजों को वरीयता
बिजनौर। डीआईओएस दफ्तर के सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर को मूल्यांकन केंद्र नहीं बनाए जाने के अपने तर्क हैं। उनका कहना है कि इस बार नकलविहीन परीक्षा होने से लाखों परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। इस कारण उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या कम होगी। मूल्यांकन केंद्रों की संख्या भी कम हो जाएगी। बोर्ड जिला मुख्यालय के कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाने को वरीयता देता है। इनमें भी राजकीय कॉलेज को वरीयता देते हुए पहले मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता है। इसके बाद शासन से सहायता प्राप्त विद्यालयों को लिया जाता है।
मूल्यांकन मार्च के प्रथम सप्ताह में
बिजनौर। सूत्रों के अनुसार दसवीं व बारहवीं की कापियों को जांचने का काम मार्च के प्रथम सप्ताह में शुरू हो सकता है। हाईस्कूल की परीक्षा 22 फरवरी को समाप्त हो रही है। संकलन केंद्रों से कापियां को मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड से मूल्यांकन शुरू होने के बारे में कोई से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।