स्वास्थ्य विभाग में ई टेंडर निकालने में अनियमितताएं बरती गईं। पांच निविदाओं से संबंधित ई टेंडर में एक निविदा को हाइड कर दिया गया। ठेकेदारों की शिकायत पर मामला पकड़ में आने पर विभाग में हड़कंप मच गया। फिलहाल यह ई टेंडर निरस्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठेका वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए सूबे में ई टेंडरिंग व्यवस्था शुरू की है। इसके अंतर्गत सभी कार्य ई टेंडरिंग से किए जा रहे हैं। जिले के स्वास्थ्य विभाग में योजनाओं के प्रचार प्रसार, जिला अस्पताल में मरीजों को खाना देने सहित पांच बिंदुओं को लेकर ई टेंडर निकालना था। टेंडर के लिए आवेदन करने वालों को इनके सामने रेट भरने थे। लेकिन विभाग द्वारा जारी किए गए ई टेंडर पर केवल चार निविदाएं ही दर्शाई गईं। एक दो ठेकेदारों ने पांचों निविदाओं के रेट दिए। इस पर टेंडर से बाहर हुए ठेकेदारों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों पर हमसाज होकर अपने मनपसंद ठेकेदारों को ठेका देने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह ईटेंडर निरस्त किया गया है। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल के अनुसार ई टेंडर पहली बार जारी करने, कर्मचारियों द्वारा कुछ मेनुअल काम करने से कुछ त्रुटियां रह गईं। टेंडर को फिर से निकाला जाएगा। कर्मचारियों के ठेकेदारों से हमसाज होने के आरोप गलत हैं।