बिजनौर। पानी अनमोल है। पानी बचाने के लिए पोस्टर और नारे तो दीवारों पर लिख दिए जाते हैं, लेकिन पानी को बचाने के लिए अभियान नहीं चलाया जाता है। बिजनौर नगर पालिका ने जल बचाने के लिए पहल की है। सर्दियों से ही पानी बचाने के लिए अभियान की शुरुआत की गई है। अब दिन में नगर पालिका के नलकूप करीब छह घंटे बंद रहेंगे और ओवरहैड टैंक से जलापूर्ति की जाएगी। इस अभियान से हर मिनट करीब 36 हजार लीटर पानी की बचत होगी। नलकूप का संचालन छह घंटे बंद होने से करीब 1.29 करोड़ लीटर से अधिक भूगर्भ जल बचाया जा रहा है और कहीं पर पानी की किल्लत भी नहीं है।
भूगर्भ जल का स्तर गिरता जा रहा है। बिजनौर के भी कई ब्लॉक भूगर्भ जल का स्तर गिरने से डार्क जोन में शामिल हैं। बिजनौर नगर पालिका द्वारा 24 नलकूपों व आठ ओवरहैड टैंक से शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। शहर क्षेत्र के अलावा शहर से कटी ग्राम पंचायत में शामिल कॉलोनी में भी नगर पालिका द्वारा ही पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी के लिए करीब दो लाख की आबादी का क्षेत्र नगर पालिका पर ही निर्भर है। नगर पालिका भूमिगत पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति करती है। पहले सर्दियों में सुबह चार बजे से रात 11 बजे तक करीब 19 घंटे नलकूप चलाया जाता था। नलकूप और ओवरहैड टैंक दोनों से नागरिकों को पानी सप्लाई किया जाता था। सर्दियों में पानी की अधिक मांग न होने पर भी चेयरमैन, सभासदों आदि के दबाव के चलते नलकूप चलाए जाते थे। इससे पाइप लाइन में पानी अधिक आ जाने से पाइप लाइन जगह-जगह फट जाती थीं और हजारों लीटर पानी नाली में ही बह जाता था, लेकिन अब नगर पालिका ने पानी बचाने के लिए पहल की है। अब नलकूपों का संचालन सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक व शाम तीन बजे से रात नौ बजे तक किया जा रहा है। केवल 13 घंटे ही नलकूप चलाए जा रहे हैं। इस शेड्यूल के बाद पानी की आपूर्ति ओवरहैड टैंक द्वारा की जा रही है। नलकूप के संचालन में छह घंटे की कटौती के बाद भी शहर में पानी की कोई कमी नहीं है।
हर रोज बचेगा सवा करोड़ से अधिक जल
नगर पालिका के 24 नलकूप द्वारा एक मिनट में 36 हजार लीटर पानी भूगर्भ से निकालते हैं। पानी की कमी न होने पर भी नलकूप चलते रहते थे। अब नलकूप छह घंटे बंद रहने से हर दिन करीब एक करोड़ 29 लाख 60 हजार लीटर पानी की बचत हो रही है।
दबाव डालने पर शासन से शिकायत
नगर पालिका प्रशासन द्वारा नलकूप का संचालन शेड्यूल से करने की कवायद दो साल से की जा रही थी। लेकिन सभासद आदि केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए अधिकारियों कर्मचारियों पर दबाव डालकर नलकूप का संचालन लगातार कराते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अगर पेयजल संकट न होने पर भी कोई सभासद नलकूप चलाने का दबाव डालेगा तो उसकी शिकायत सीधे शासन से की जाएगी।
12 हजार हैं कनेक्शन
नगर पालिका में करीब 12 हजार कनेक्शन हैं। ये कनेक्शन दुकानों व घरों दोनों को मिलाकर हैं। कई जगह पर नगर पालिका द्वारा नागरिकों के लिए भी पेयजल के लिए टोटी आदि लगवाई गई हैं।
नागरिक करें सहयोग : इंद्रपाल सिंह
नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार जल बचाना सभी का दायित्व है। बिजनौर नगर पालिका ने इसके लिए पहल की है और सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। नागरिक भी जल बचाने में पालिका का सहयोग कर अपना कर्तव्य पूरा करें।