बिजनौर। जिला क्षत्रिय राजपूत सभा ने भारतीय संस्कृति में शौर्य एवं बलिदान की प्रतीक महारानी पद्मावती का गलत चित्रण दिखाने वाली फिल्म पद्मावती व काल्पनिक कथा उद्योग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। क्षत्रिय समाज ने चेतावनी दी है कि अगर फिल्म पर रोक नहीं लगी तो भारत में आंदोलन किया जाएगा।
बुधवार को जिला क्षत्रिय राजपूत सभा के पदाधिकारी महाराणा प्रताप चौक पर एकत्रित हुए। उसके बाद समाज के पदाधिकारी विरोध प्रदर्शन करते हुए सिविल लाइन होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में डीएम जगतराज को ज्ञापन सौंपकर विवादित फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि हमेशा से ही फिल्म उद्योग ने भारतीय संस्कृति पर बनाई फिल्मों को गलत तरीके पेश कर संस्कृति का उपहास बनाया है। ऐसा कर देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। वर्तमान में शौर्य व बलिदान की प्रतीक महारानी पद्मावती का चित्रण अलाउद्दीन खिलजी के साथ तैयार करके क्षत्रिय समाज के मान सम्मान को ठेस पहुंचाई है। महारानी पद्मावती ने अपनी वीरता व साहस के बल पर अलाउद्दीन खिलजी के चंगुल से अपने पति महाराणा रावल रतन सिंह को बचाया था। इसको लेकर अलाउद्दीन खिलजी ने उनके किले पर हमला कर दिया था। तब महारानी ने अपनी निश्चित होने वाली हार को देखकर रानी ने अपने अस्तित्व और मान की रक्षा के लिए 16 हजार सखी व सेविकाओं के साथ अग्निकुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे। ज्ञापन देने वालों मेें विधायक लोकेंद्र चौहान डा.धर्मवीर सिंह, महामंत्री नवदीप सिंह, सुखराम सिंह गहलोत, विनीत राजपूत, अमित ठाकुर, डा. वीरेंद्र, संदीप कुमार, महेंद्र पाल, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।