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अभिव्यक्ति की काव्य संध्या आयोजित

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अभिव्यक्ति की काव्य संध्या आयोजित
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नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की काव्य गोष्ठी में कवि एवं शायरों ने सामाजिक परिवेश से जुड़ी रचनाएं पेश कीं।
अभिव्यक्ति संस्था के नीरज सिंघल के आवास पर मुख्य अतिथि मोनिका यादव की उपस्थिति में काव्य संध्या आयोजित की गई। राजेश मिश्रा राजू ने सरस्वती वंदना से काव्य संध्या का शुभारंभ किया। अक्षत सिंघल ने हरिवंश राय बच्चन की कविता से मनमोह लिया। प्रदीप डेजी के संचालन में आयोजित काव्य गोष्ठी में जितेंद्र कक्कड़ की रचना तुम मानो या न मानो हम कहते रहेंगे.., राजेंद्र त्यागी की रचना मरुस्थल में भी रहकर घर तेरे बादल बरसते हैं., मनोज त्यागी की रचना मोती से वार बैठा ये कौन चाह पर.., नीरज सिंघल नीर की रचना लहू से लेखनी लिखकर शब्दों को अमर कर दो.., मंजू जौहरी मधुर की रचना मुझे बचपन के दिन अपने सलोने याद आते हैं। रचना काफी पसंद की गई।
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कवयित्री निशा अग्रवाल अपनी रचना जीत का हरपल है बेटी, आने वाले वाला कल है बेटी, कंगन रोली मेेहंदी ही नहीं बेटों से ज्यादा सबल है बेटी.. रचना से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्लोगन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। अखिल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित कवि गोष्ठी में बेगराज यादव, भगीरथ सिंह, अजय जौहरी ने अपनी रचनाओं से सभी को प्रभावित किया। प्रदीप डेजी की रचना कहीं पर घर नहीं होते मगर इंसान होते हैं.., पसंद की गई। कवि गोष्ठी में शिवकुमार अग्रवाल, शिवकुमार माहेश्वरी, जितेंद्र जैन, रुस्तम यादव, घनश्याम वर्मा, घासीराम, दीपक सिंघल, निशांत सिंघल, पंकज सिंघल, कमलेश सिंघल, रजत अग्रवाल, राजेश चौहान, हर्षित चौहान उपस्थित रहे।
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