बिजनौर। बच्चों की सुरक्षा के प्रति जिला प्रशासन कितना गंभीर है? शुक्रवार को हुई पल्स पोलियो रैली में यह सामने आ गया। रैली को झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए दो घंटे बाद अधिकारी पहुंचे। तब तक बच्चे प्यासे सड़क पर ही खड़े रहे। इस दौरान एक भी पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं रहा।
रविवार को जिला में राष्ट्रीय कार्यक्रम पल्स पोलियो दिवस मनाया जाएगा। इसकी सफलता के लिए शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर रैली का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों को रैली के लिए बुलाया गया था। सभी बच्चे ठीक नौ बजे नगरपालिका चौक पर पहुंच गए। रैली को हरी झंडी दिखाने के लिए करीब दो घंटे बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम रैली स्थल पर पहुंचे। मगर, तब तक बच्चे सड़क किनारे खड़े रहे। पेयजल की व्यवस्था न होने से पानी को तरसते रहे। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी छांव में बैठे आराम फरमाते रहे। बच्चों ने नगरपालिका में जाकर अपनी प्यास बुझाई। रैली स्थल पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं था। यह देख एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मगर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साध गए। एडीएम ने तुरंत दो यातायात और दो सिविल पुलिस कर्मियों को मौके पर बुलाया।
जागरूकता रैली निकाली
एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र राम, सीएमओ डा. राकेश मित्तल ने नगरपालिका चौक से हरी झंडी दिखाकर और गुब्बारे हवा में उड़ाकर रैली का रवाना किया। रैली में केपीएस, जीजीआईसी, जीआईसी, जलालुद्दीन गर्ल्स इंटर कॉलेज, बीआईसी समेत कई स्कूलों के बच्चे शामिल रहे। सीएमओ कार्यालय जाकर रैली संपन्न हुई। रैली में डा. एसके निगम, डा. रोहताश, डीएमओ ब्रजभूषण, डा. इशा गोयल मौजूद रहे।