बिजनौर के अफजलगढ़ क्रय केंद्र पर गेहूं खरीददते कर्मचारी।
बिजनौर। किसानों को गेहूं बेचने के लिए सत्यापन से मुक्त कर दिया है। पहले गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराता था। तहसील की टीम किसान का सत्यापन करती थी। अब इस झंझट से किसानों को राहत मिली है। किसान गेहूं क्रय केंद्र पर पहुंचकर आसानी से गेहूं की बिक्री कर रहे हैं। जनपद को इस बार गेहूं क्रय का लक्ष्य 50700 मीट्रिक टन मिला है। इसके सापेक्ष जनपद के सभी 49 गेहूं क्रय केंद्रों पर अब तक गेहूं की खरीद 1884.85 मीट्रिक टन हो गई है। यह गेहूं 674 किसानों से क्रय केंद्रों पर खरीदा गया है।
जिले में तेजी से गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है, वैसे ही सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए गेहूं पहुंच रहा है। एक मार्च से खुले 49 गेहूं क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। अफसरों के अनुसार अब तक गेहूं बिक्री के लिए 2551 किसानों ने अपना पंजीकरण करा रखा है। इनमें से 674 किसानों ने गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक्री कर दिया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए किसानों के कम जाने की वजह बाजार में गेहूं के भाव समर्थन मूल्य से अधिक होना भी है।
डिप्टी आरएमओ अमित द्विवेदी ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए इस बार किसानों के पंजीकरण का सत्यापन नहीं किया जा रहा है। गेहूं खरीद के लिए किसानों से मोबाइल फोन पर संपर्क किया जा रहा है।
- सभी केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीद
जनपद में 49 गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद हो रही है। गेहूं क्रय केंद्रों पर 674 किसानों से 1884 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। 2551 किसानों ने अपना पंजीकरण करा रखा है। केंद्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध है। - अमित द्विवेदी डिप्टी आरएमओ