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जानलेवा हमले में तीन को चार-चार वर्ष की सजा

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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने ग्राम फुलसंदी में दो पक्षों में हुए संघर्ष में एक पक्ष के तीन आरोपियों को चार-चार वर्ष के कारावास व आठ आठ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध न होने पर दूसरे पक्ष के दो आरोपियों को बरी कर दिया।
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शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार ग्राम फुलसंदी निवासी महेंद्र सिंह ने थाना नहटौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी गांव के ही महावीर सिंह से जमीन खरीदने को लेकर पुरानी रंजिश चली आ रही है। 22 अगस्त 2010 को सुबह दस बजे वह घर में बैठा खाना खा रहा था। इसी दौरान गांव के ही महावीर, गुड्डू, ओमपाल व उसका भाई शोपाल अपने हाथों में लाठी-डंडे व तबल लेकर उसके घर में घुस गए और गाली गलौच करते हुए उसपर हमला बोल दिया। इसमें उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी पत्नी बिजेंद्र व पुत्री श्वेता ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उन दोनों को भी मारपीट कर चोटें पहुंचाई गई। इस मामले में महावीर, सोमपाल, गुड्डू को सजा सुनाई गई है। जबकि ओमपाल की फाइल अलग कर दी गई है। इस संघर्ष में दूसरे पक्ष के महावीर सिंह के पुत्र ओमकार सिंह द्वारा रिपोर्ट लिखाई गई थी कि उनकी भैंस 20 अगस्त को खुलकर कहीं चली गई थी। जिसे पकड़कर अरुण ने अपने घर बांध दिया था। महावीर व सोमपाल भैंस को महेंद्र सिंह के घर से खोलकर ले आए। महेंद्र सिंह ने भैंस खोलने को मना किया तो 22 अगस्त को जब वह अपने घर में था तब महेंद्र पाल, अरुण, मुकुंद उसके घर में घुस आए और चाकू व डंडों से मारपीट की। इससे महावीर को चोटें आईं। इस मामले की सुनवाई के दौरान महेंद्र पाल की मौत हो गई। शेष दो आरोपियों अरुण व मुकुंद को कोर्ट ने दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया।
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