मच्छमार-राजौरी मार्ग की बदहाली से क्षेत्रवासी नाराज
रेहड़। मच्छमार-मौहम्मदपुर राजौरी मार्ग पूरी तरह से बदहाल होने से ग्रामीणों में असंतोष है। लोगों का कहना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार दो साल से ज्यादा का समय बीत गया है, पर अभी तक उनके क्षेत्र के रास्तों की बदहाली दूर नहीं हो सकी है। लोगों ने शासन और प्रशासन के प्रति असंतोष जताया है। जल्द ही मार्गों की बदहाली को दूर करने की मांग की है। बताया कि महाशिवरात्रि के मौके पर शिवभक्तों का हरिद्वार से गंगाजल भरकर कांवड़ लाने का रैला शुरू हो जाएगा। यदि जल्द मार्गों की मरम्मत नहीं हुई तो शिवभक्तों को बदहाल मार्गों से होकर गंतव्यों की ओर गुजरने को विवश होना पड़ेगा।
ग्रामीण लालबहादुर,जयपाल, डा. इरशाद, नफीस, फारुख, शाजान, शमशुद्दीन ने बताया कि इस मार्ग की लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर है। पूरा मार्ग कच्चा मिट्टी युक्त है। कई बार क्षेत्र के विधायक और सांसद को अवगत कराया, पर ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो सकी है। जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतने को विवश होना पड़ रहा है। विधायक और सांसद से जल्द ही मार्गों का निर्माण कराने की मांग की है।
कोई सुध नहीं ले रहा
क्षेत्र के डा. इरशाद का कहना है कि मच्छमार से रोजाना दर्जनों बच्चे पढ़ाई के लिए राजौरी जाते हैं। पिछले दिनों हुई बरसात से रास्ते में कीचड़ जमा होने से आवागमन में बाधा आ रही है। अवगत कराने के बाद भी शासन और प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।
पक्का रास्ता बनना चाहिए
क्षेत्र के लाल बहादुर सिंह का कहना है कि यह मार्ग उत्तराखंड व यूपी को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है, जो राजौरी होकर जाता है। लेकिन रास्ते की बदहाली हमेशा आड़े आती है। रास्ता पक्का बनना चाहिए।
किसी ने नहीं कराया पक्का
मो. फारुख का कहना है कि रास्ते की बदहाली को लेकर ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से समस्या निदान कराने की मांग को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन किसी ने भी रास्ते की सुध नहीं ली है। ग्रामीणों ने रास्ते को जल्द पक्का बनवाने की मांग की है।
धन मिलते ही जल्द होगा निदान: जेई
जेई राजीव गौतम का कहना है कि विभाग की ओर से स्टीमेट बनवा कई महीने पहले शासन को धन आवंटन को भेजा गया था। किंतु बजट स्वीकृत नहीं हुआ। धन का आवंटन होते ही मार्ग को पक्का बनाने का प्रयास होगा।