डीएम ने बिलाई मिल पर कसा शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
डीएम अटल कुमार राय ने बिलाई शुगर मिल पर शिकंजा कस दिया है। उन्होंने मिल अधिकारियों से कहा है कि किसानों ने शुगर मिल को अपना गन्ना दिया है। गन्ना मूल्य भुगतान करने की जिम्मेदारी मिल की है। शुगर मिल तब तक बंद नहीं होगी जब तक कि किसानों के खेतों में खड़े एक-एक गन्ने की पेराई नहीं हो जाए।
कलक्ट्रेट के सभागार में हुई प्रशासन व किसानों की बैठक में भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह, अतुल कुमार, प्रदेश सचिव रामअवतार सिंह आदि ने गन्ने की दुर्दशा का मामला उठाया। किसानों ने सवाल किया कि किसानों ने गन्ना विभाग के कहने पर अपनी पैदावार बढ़ाकर क्या गुनाह किया है? किसान का 25 प्रतिशत गन्ना खेतों में खड़ा है। शुगर मिलों से सांठगांठ करके कुछ किसान मजे ले रहे हैं। आम किसान एक -एक पर्ची के लिए भागा फिर रहा है। आखिर किसान का गन्ना मिलों पर कब गिरेगा।
दिगंबर सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में बिलाई मिल की हालत सबसे बदतर है। डीएम ने बैठक में मौजूद हर शुगर मिल के प्रतिनिधि से पेमेंट की स्थिति की जानकारी ली। डीएम को बताया गया कि बिलाई मिल ने जनवरी तक का गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। इस पर डीएम ने तल्ख अंदाज में बिलाई मिल के प्रतिनिधि से कहा कि आप तो पेमेंट के मामले में जमीन से नीचे रसातल में हैं। डीएम ने पूछा कि शुगर मिल के पास आगे पेमेंट की क्या प्लानिंग है? इस पर बिलाई शुगर मिल के प्रतिनिधि ने चुप्पी साध ली।
डीएम ने कहा कि किसानों को गन्ने का 31 मार्च तक का भुगतान 30 अप्रैल तक करना है। शुगर मिल एक सप्ताह के अंतर्गत रूपरेखा प्रस्तुत करें। बढ़ापुर क्षेत्र में गन्ना माफिया के सक्रिय होने का मामला उठा। किसानों ने धामपुर में किसानों को जारी की गई फर्जी आरसी तुरंत समाप्त करने की मांग की है। एसई ने माह के अंत तक कार्रवाई का भरोसा दिया। सुदरवाली गांव में एक किसान की जमीन को लेकर वनविभाग से चल रहे विवाद पर दोबारा पैमाईश कराने का निर्णय लिया गया है।