बिजनौर। बिजनौर रेंज में अब वाइल्ड लाइफ डिविजन भी खोली जाएगी। जंगली जानवरों एवं पक्षियों की सुरक्षा, संवर्धन के लिए बजट जारी किया जाएगा। विशेषज्ञ अधिकारी भी जिले में नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए बिजनौर रेंज ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
गंगा खादर क्षेत्र विदेशी पशुओं के अलावा बारहसिंघा, घड़ियाल एवं डॉल्फिन के लिए भी वरदान है। इसके अलावा बिजनौर रेंज में टाइगर रिजर्व क्षेत्र है और हाथी भी हैं। प्रवासी पक्षियों के लिए भी बिजनौर एक पसंदीदा स्थल है। यहां पर गंगा किनारे हजारों पक्षी अपना डेरा डालते हैं और प्रजनन करते हैं। बिजनौर रेंज सामाजिक वानिकी क्षेत्र है। यहां पर केवल पौधारोपण के लिए ही बजट भेजा जाता है। इस बजट को पशुओं की सुरक्षा पर खर्च नहीं किया जा सकता है। पशुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले के लिए बाहर से एक्सपर्ट को बुलाना पड़ता है। यहां तक कि अगर गड्ढे में कोई जंगली जानवर गिर जाए तो उसे निकालने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। जिला वन अधिकारी डा. एम सेम्मारन के मुताबिक वाइल्ड लाइफ डिविजन का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
यह होगा लाभ
पशुओं की सुरक्षा के लिए बजट जारी होगा। पक्षियों व जलीय जीवों की संख्या बढ़ाने के लिए हैचरी भी बनेगी। यहां पर जलीय जीवों व पक्षियों के अंडों को सुरक्षित रखकर उनसे बच्चों को बाहर निकाला जाएगा। जानवरों के शिकार को रोकने के लिए भी पुख्ता इंतजाम होंगे। इससे स्टाफ भी बढ़ेेगा और पशुओं की सुरक्षा एवं संवर्धन के इंतजाम भी होंगे।