माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने लगाया आरोप
डीआईओएन ने कहा, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण हमारे द्वारा नहीं, बल्कि बोर्ड द्वारा आनलाइन किया जा रहा
धामपुर। कई माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का आरोप है कि सरकार की सख्ती के बावजूद भी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में मानकों की अनदेखी की है। जहां यूपी सरकार बोर्ड परीक्षाओं का निष्पक्ष, पारदर्शिता के साथ नकलविहीन कराने के लिए सख्त कदम उठाने का प्रयास कर रही हैं, वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पलीता लगाने में लगे हुए हैं। शिक्षकों ने प्रदेश के सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर निर्धारित किए परीक्षा केंद्रों में उपलब्ध मानकों की जांच कराने व अनदेखी पाने पर कार्रवाई की मांग की है।
धामपुर नगर व ग्रामीण क्षेत्र के कई विद्यालयों के शिक्षकों करण सिंह, सुशील कुमार, गोपाल सिंह, महावीर सिंह, जयवीर सिंह, कल्याण सिंह, अजयपाल सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में पूरी तरह से मानकों की अनदेखी की गई। बगैर नाम लिए अवगत कराया है कि विभाग की ओर से चयनित किए कई परीक्षा केंद्र ऐसे है कि उन विद्यालयों में न तो खिड़की, दरवाजे हैं और न ही चारदीवारी पूरी तरह से बनी है। उन विद्यालयों को फिर भी परीक्षा केंद्र बना लिया है। यहां तक कि सीसीटीवी कैमरे भी नहीं है। इस संबंध में डीआईओएस राजेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि परीक्षा केंद्र निर्धारण उनके स्तर से बिल्कुल नहीं हो रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड कंप्यूटर से संबंधित विद्यालयों को ऑनलाइन अपनी मर्जी से उठाकर परीक्षा केंद्र निर्धारण कर रहे हैं। इसमें वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने स्वीकार किया कि वास्तव में कई विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनने के मानक नहीं है। उनके स्तर से सुधार के लिए बोर्ड को रिपोर्ट से अवगत कराया जा रहा है।